8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स इस समय 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हर खबर पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार भी कर्मचारी संगठनों के साथ अहम बैठकें कर रही है। इसमें वेतन, पेंशन और कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स इस समय 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हर खबर पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार भी कर्मचारी संगठनों के साथ अहम बैठकें कर रही है। इसमें वेतन, पेंशन और कर्मचारियों से जुड़े कई लंबित मुद्दों पर चर्चा हो रही है।
लेकिन, इस बीच ईरान युद्ध के संकट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदेशी मुद्रा बचाने की अपील ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी है। अटकलें लग रही हैं कि 8वें वेतन आयोग की टाइमलाइन पर असर पड़ सकता है।
8वें वेतन आयोग पर क्या है ताजा अपडेट
केंद्र सरकार पहले ही संसद में बता चुकी है कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग 50 लाख से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 69 लाख पेंशनर्स के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे में बदलाव पर काम कर रहा है।
सरकार आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस यानी ToR को मंजूरी दे चुकी है। फिलहाल आयोग अलग अलग विभागों, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से बातचीत कर रहा है। इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर, 50 फीसदी DA मर्जर और नई पेंशन फॉर्मूला जैसे मुद्दों पर भी चर्चा जारी है।
ईरान संकट से क्यों जुड़ रही है चर्चा
8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया ऐसे समय में चल रही है, जब पश्चिम एशिया में ईरान से जुड़ा तनाव बढ़ा हुआ है। इससे कच्चे तेल की कीमतें, शिपिंग लागत, महंगाई और विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ने की चिंता बनी हुई है।
इसी वजह से कुछ लोगों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि क्या सरकार इतना बड़ा खर्च फिलहाल टाल सकती है। मामला तब और चर्चा में आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल में लोगों से ईंधन बचाने, गैर जरूरी विदेश यात्रा टालने और सोना खरीदने से बचने की अपील की थी।
क्या 8वां वेतन आयोग टल सकता है?
फिलहाल सरकार की तरफ से ऐसा कोई संकेत नहीं दिया गया है कि ईरान संकट की वजह से 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया धीमी की जाएगी या टाली जाएगी।
आयोग की बैठकें, समीक्षा और कर्मचारी संगठनों से बातचीत लगातार जारी है। आने वाले महीनों में सरकार की कर्मचारी नीति और वेतन आयोग को लेकर और ज्यादा तस्वीर साफ हो सकती है।
कब से लागू हो सकता है नया वेतन आयोग
सरकार ने संकेत दिए हैं कि संशोधित वेतन ढांचा 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है। हालांकि अंतिम सिफारिशें व्यापक बातचीत और समीक्षा के बाद ही आएंगी।
कर्मचारी यूनियनें पहले ही आयोग के साथ कई दौर की बैठक कर चुकी हैं। अलग अलग विभाग और कर्मचारी संगठन लगातार अपने सुझाव और मेमोरेंडम भी दे रहे हैं।
कितनी बढ़ सकती है सैलरी
हालांकि अभी कोई आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है, लेकिन कर्मचारी संगठनों के बीच 30 से 34 फीसदी तक वेतन और पेंशन बढ़ोतरी की चर्चा चल रही है।
फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम मुद्दा माना जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर नई बेसिक सैलरी तय होगी। फिलहाल अनुमान लगाया जा रहा है कि न्यूनतम बेसिक पे 30 हजार रुपये से लेकर 41 हजार रुपये या उससे ज्यादा तक जा सकती है।
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