डॉलर के मुकाबले रुपया आज नए रिकॉर्ड लो पर फिसला, जानिए आगे कैसी रह सकती है इसकी चाल

पिछले हफ्ते हमें विदेशी मुद्रा भंडार में भी गिरावट हुई है। इसका भी रुपये पर नेगेटिव असर पड़ा है। उम्मीद है कि रुपये में इस हफ्ते भी कमजोरी बनी रहेगी और यह 78.2000-78.5000 का स्तर छू सकता है

अपडेटेड Jun 13, 2022 पर 10:04 AM
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अमेरिका में महंगाई पिछले 40 साल के शिखर पर पहुंच गई है। अमेरिका में महंगाई के सालाना आधार पर 8.6 फीसदी पर पहुंचने के साथ ही पिछले हफ्ते डॉलर इंडेक्स में और बढ़त आती दिखी है

डॉलर के मुकाबले रुपया आज नए रिकॉर्ड लो पर जाता नजर आया है। डॉलर के मुकाबले रुपया अब तक के रिकॉर्ड निचले स्तर पर फिसल गया और 28 पैसे कमजोर होकर 78.28 पर खुला है। फिलहाल अभी ये ये 78.15 के आसपास दिख रहा है। अमेरिका में महंगाई पिछले 40 साल के शिखर पर पहुंच गई है। अमेरिका में महंगाई के सालाना आधार पर 8.6 फीसदी पर पहुंचने के साथ ही पिछले हफ्ते डॉलर इंडेक्स में और बढ़त आती दिखी है। डॉलर इंडेक्स 104 का स्तर पार कर गया है। इसके साथ ही यूएस 10 ईयर बेंच मार्क बॉन्ड यील्ड 3.15 का स्तर पार कर गई है। डॉलर के मुकाबले जापानी येन और यूरो पर रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गए हैं। ECB द्वारा वित्त वर्ष 2022-23 के इकोनॉमिक ग्रोथ अनुमान को घटाने से भी यूरो में गिरावट देखने को मिली है।

शुक्रवार को US मार्केट भारी गिरावट के साथ बंद हुए थे। जनवरी के बाद 1 हफ्ते में सबसे बड़ी गिरावट देखने को मिली थी। Dow में 880 अंक और Nasdaq में 414 अंकों की गिरावट आई थी। S&P 500 में भी 117 अंको की गिरावट देखने को मिली थी। S&P 500 इंडेक्स 3 जनवरी के उच्चतम स्तर से 18 फीसदी लुढ़क गया। उधर US Vix 27.75 पर और डॉलर इंडेक्स 104 पर दिख रहे हैं। ब्रेंट का भाव 120 डॉलर के करीब बरकरार है। 10 साल के US बॉन्ड की यील्ड 3.19 फीसदी पर आ गया है। वहीं, 10 साल के भारतीय बॉन्ड की यील्ड 7.51 फीसदी पर आ गई है। 2 साल के US बॉन्ड की यील्ड 2008 के बाद अपने उच्चतम स्तर पर है।

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जानकारों का अनुमान है कि इस हफ्ते डॉलर इंडेक्स में मजबूती बनी रहेगी। ये एक बार फिर 104.80 का लेवल छू सकता है। मेहता इक्विटीज के राहुल कलांतरी का कहना है कि रुपये में कमजोरी देखने को मिल रही है। यह अपने लाइफ टाइम लो पर पर पहुंच गया है। RBI द्वारा महंगाई के अनुमान में बढ़ोतरी के चलते रुपये में कमजोरी आई है। घरेलू इक्विटी मार्केट में भारी बिकवाली और कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण रुपये पर और दबाव बना है। पिछले हफ्ते हमें विदेशी मुद्रा भंडार में भी गिरावट हुई है। इसका भी रुपये पर नेगेटिव असर पड़ा है। उम्मीद है कि रुपये में इस हफ्ते भी कमजोरी बनी रहेगी और यह 78.2000-78.5000 का स्तर छू सकता है।

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