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World Currency Reserves : दुनिया के फॉरेन रिजर्व्स में 1 लाख करोड़ डॉलर की रिकॉर्ड गिरावट, क्या केंद्रीय बैंकों के दखल का नहीं हो रहा असर?

इस साल अभी तक फॉरेन रिजर्व्स 1 लाख करोड़ डॉलर यानी 7.8 फीसदी गिरकर 12 लाख करोड़ डॉलर रह गया है जो 2003 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है

Curated By: Mohit Parasharअपडेटेड Oct 06, 2022 पर 9:53 AM
World Currency Reserves : दुनिया के फॉरेन रिजर्व्स में 1 लाख करोड़ डॉलर की रिकॉर्ड गिरावट, क्या केंद्रीय बैंकों के दखल का नहीं हो रहा असर?
भारत से लेकर चेक रिपब्लिक तक के केंद्रीय बैंकों को अपनी करेंसीज को सपोर्ट देने के लिए दखल देना पड़ रहा है

World currency reserves : मंदी की आशंकाओं के बीच ग्लोबल फॉरेन करेंसी रिजर्व बेहद तेजी से गिर रहा है। यही वजह है कि भारत से लेकर चेक रिपब्लिक तक के केंद्रीय बैंकों को अपनी करेंसीज को सपोर्ट देने के लिए दखल देना पड़ रहा है।

ब्लूमबर्ग के मुताबिक, इस साल अभी तक फॉरेन रिजर्व्स 1 लाख करोड़ डॉलर यानी 7.8 फीसदी गिरकर 12 लाख करोड़ डॉलर रह गया है जो 2003 के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। ब्लूमबर्ग ने 2003 में ही डाटा कंपाइल करना शुरू किया था।

वैल्यूएशन में बदलाव है अहम वजह

इस गिरावट की मुख्य वजह वैल्यूएशन में बदलाव है। यूरो और येन जैसी दूसरी रिजर्व करेंसी की तुलना में डॉलर दो दशक के हाई पर पहुंच गया, जिससे उनकी करेंसीज में होल्डिंग्स की डॉलर वैल्यू घट गई है। लेकिन फॉरेन रिजर्व में कमी से करेंसी मार्केट में संकट का भी पता चलता है, जिसके चलते डेप्रिसिएशन से बचने के लिए केंद्रीय बैंकों को डॉलर में बिकवाली को मजबर होना पड़ रहा है।

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