SA Tech Software India IPO Listing: अमेरिकी कंपनी एस टेक की आईटी कंसल्टिंग सब्सिडियरी एसए टेक सॉफ्टवेयर इंडिया (SA Tech Software India) के शेयरों की आज NSE के SME प्लेटफॉर्म पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 621 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत 59 रुपये के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी 795.00 रुपये पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 90 फीसदी का लिस्टिंग गेन (SA Tech Software India Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह 117.70 रुपये (SA Tech Software India Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया और इसी पर बंद भी हुआ यानी कि पहले कारोबारी दिन की समाप्ति पर आईपीओ निवेशक 99.49 फीसदी मुनाफे में हैं।
SA Tech Software India IPO को मिला था तगड़ा रिस्पांस
एसए टेक सॉफ्टवेयर इंडिया का ₹23.01 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 26-30 जुलाई तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का जबरदस्त रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 621.25 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 201.29 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 1,178.97 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 621.77 गुना भरा था। इस आईपीओ के तहत 10 रुपये की फेस वैल्यू वाले 39 लाख नए शेयर जारी हुए हैं। इन शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज चुकाने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
SA Tech Software India के बारे में
वर्ष 2012 में बनी एसए टेक सॉफ्टवेयर इंडिया अमेरिका की एसए टेक की भारतीय सब्सिडियरी है। यह ऐप डेवलपमेंट, क्लाउड इंफ्रा, सॉफ्टवेयर क्वालिटी एश्योरेंस, जेनेरेटिव एआई, मशीन लर्निंग, आईओटी सॉल्यूशंस, डेटा साइंस और एनालिटिक्स मुहैया कराती है। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हुई है।
वित्त वर्ष 2022 में इसे 5.48 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ था और अगले वित्त वर्ष 2023 में यह 1 करोड़ रुपये के शुद्ध मुनाफे में आ गई जो वित्त वर्ष 2024 में उछलकर 3.69 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू सालाना 32 फीसदी की चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़कर 72.38 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में इसे 2.48 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा और 23.97 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।