SAIL Shares: सेल के साथ इन 3 सरकारी कंपनियों का हो सकता है मर्जर, शेयरों ने भरी उड़ान

SAIL Shares Price: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के शेयरों में आज 5 जुलाई को 3 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि इसकी यूनियन ने SAIL को तीन अन्य कंपनियों के साथ मर्ज करके एक विशाल सरकारी स्टील कंपनी बनाने का प्रस्ताव दिया है। पिछले एक साल में SAIL ने अपने निवेशकों को करीब 77% का रिटर्न दिया है

अपडेटेड Jul 05, 2024 पर 3:07 PM
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SAIL Shares Price: प्रस्तावित मर्जर के बाद SAIL का ऑपरेटिंग प्रॉफिट 55% बढ़ सकता है

SAIL Shares Price: स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (SAIL) के शेयरों में आज 5 जुलाई को 3 प्रतिशत तक की तेजी देखी गई। यह तेजी इस खबर के बाद आई कि इसकी यूनियन ने SAIL को तीन अन्य कंपनियों के साथ मर्ज करके एक विशाल सरकारी स्टील कंपनी बनाने का प्रस्ताव दिया है। इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, स्टील एक्जीक्यूटिव्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SEFI) ने कथित तौर पर स्टील मिनिस्ट्री से सरकारी स्वामित्व वाली तीन कंपनियों- राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL), फेरो स्क्रैप निगम लिमिटेड (FSNL) और नगरनार स्टील प्लांट को SAIL के साथ मर्ज करने का आग्रह किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, स्टील यूनियन ने कहा कि मर्जर के जरिए क्षमता विस्तार के लक्ष्यों को आसानी से हासिल किया जा सकता है। साथ ही इसे प्रत्येक फर्म के सामने संसाधन से जुड़ी आने वाली चुनौतियों को भी दूर किया जा सकता है। इसके अलावा यूनियन ने FSNL के विनिवेश के फायदे पर भी सवाल उठाया।

BSE पर सुबह 11:30 बजे, SAIL के शेयर 3.11 प्रतिशत बढ़कर 155.65 रुपये प्रति शेयर पर कारोबार कर रहे थे। पिछले 6 महीनों में शेयर में 33.09 प्रतिशत की तेजी आई है। वहीं पिछले एक साल में इसने अपने निवेशकों को करीब 77 फीसदी का रिटर्न दिया है।


ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम ब्रोकिंग का कहना है यह रिपोर्ट SAIL के लिए एक 'बेहद पॉजिटिव' खबर है क्योंकि इससे न्यूनतम कैपिटल एक्सपेंडिचर के साथ एक्सपेंशन को तेज करने और भविष्य में अर्निंग ग्रोथ को बढ़ाने में मदद मिलेगी, जिससे शेयरधारकों के लिए वैल्यू पैदा होगी।

सेंट्रम ब्रोकिंग के अनुसार, यदि मर्जर प्रस्ताव को मंजूरी मिलता है, तो SAIL का ऑपरेटिंग प्रॉफिट यानी EBITDA 55 प्रतिशत बढ़कर 20,000 करोड़ रुपये पर पहुंच जाएगा, जो अभी 13,000 करोड़ रुपये है। वही्ं इसकी क्षमता में भी 50 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है। ब्रोकरेज ने कहा कि इससे कंपनी अपने विस्तार के लिए 1 लाख करोड़ रुपये के भारी कैपिटल एक्सपेंडिचर से बच सकेगी और न्यूनतम कैपेक्स की जरूरत के साथ काम चला सकेगी।

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