Sammaan Capital के पूर्व प्रमोटर्स के खिलाफ नई FIR दर्ज, शेयर दिन के हाई से 7% तक लुढ़का

Sammaan Capital Share Price: सुप्रीम कोर्ट में यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के पहले के एक आदेश के खिलाफ की गई अपील पर बेस्ड है। Sammaan Capital का पुराना नाम इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड था। कंपनी में 98.09 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है

अपडेटेड Dec 17, 2025 पर 4:08 PM
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Sammaan Capital पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, नियमों का उल्लंघन, पैसे के गलत इस्तेमाल जैसे गंभीर आरोप हैं।

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी सम्मान कैपिटल के शेयरों में 17 दिसंबर को पहले तेजी और बाद में गिरावट का रुख रहा। दिन में शेयर BSE पर पिछले बंद भाव से 4 प्रतिशत तक चढ़कर 153.15 रुपये के हाई तक गया। फिर इस हाई से 7.5 प्रतिशत तक गिरकर 141.60 रुपये के लो तक आया। बाद में शेयर लगभग 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 145.80 रुपये पर बंद हुआ। शेयर में बिकवाली शुरू होने की वजह है कि दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराधा शाखा (EOW) ने कंपनी के पूर्व प्रमोटर्स के खिलाफ एक जांच के तहत नई FIR फाइल की है।

सम्मान कैपिटल पर संदिग्ध वित्तीय लेन-देन, नियमों का उल्लंघन, पैसे के गलत इस्तेमाल/राउंड-ट्रिपिंग जैसे गंभीर आरोप हैं। इंडियाबुल्स, उसकी सब्सिडियरी कंपनियों और उनके प्रमोटर्स की ओर से फंड की हेराफेरी का आरोप भी है। सम्मान कैपिटल का पुराना नाम इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड था।

CNBC-TV18 के मुताबिक, एक दूसरी कार्यवाही में सुप्रीम कोर्ट ने सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इनवेस्टिगेशन (CBI) को निर्देश दिया है कि वह एक हफ्ते के अंदर मामले में आखिरी फैसला ले कि FIR दर्ज की जानी चाहिए या नहीं। सुप्रीम कोर्ट ने CBI से यह भी कहा है कि वह कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI और प्रवर्तन निदेशालय (ED) से दस्तावेज इकट्ठा करे। ऐसा इसलिए ताकि यह पता लगाया जा सके कि FIR दर्ज करने की शर्तें पूरी होती हैं या नहीं। कोर्ट जनवरी 2026 के दूसरे हफ्ते में इस मामले की सुनवाई फिर से करेगा।


कोर्ट किसकी अपील पर कर रहा है सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट में यह मामला दिल्ली हाई कोर्ट के पहले के एक आदेश के खिलाफ की गई अपील पर बेस्ड है। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका में आरोप लगाया गया है कि कंपनी की कई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को नजरअंदाज किया गया है। दिल्ली हाई कोर्ट ने फरवरी 2024 में प्रशांत भूषण के सिटीजन व्हिसल ब्लोअर फोरम (CWBF) की याचिका खारिज कर दी थी। इस याचिका में दावा किया गया था कि सम्मान कैपिटल की लोन देने की प्रक्रियाओं में गड़बड़ियां थीं। जिन लोन्स को मेंशन किया गया, उनमें 5 कर्जदार ग्रुप कंपनियों को दिए गए लोन शामिल थे। 5 कर्जदार ग्रुप और पहले के प्रमोटर समीर गहलोत के बीच लेन-देन होने का आरोप लगाया गया था।

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याचिका में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नेशनल हाउसिंग बैंक (NHB), मार्केट रेगुलेटर SEBI और कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय सहित वैधानिक और नियामकीय अधिकारियों की ओर से जांच के निर्देश देने की मांग की गई। वहीं सम्मान कैपिटल ने अपनी सफाई में कहा है कि उसे किसी भी एजेंसी (जैसे SEBI, RBI, CBI, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय) ने दोषी नहीं पाया है और आरोप सिद्ध नहीं हुए हैं।

Sammaan Capital का शेयर एक महीने में 20 प्रतिशत टूटा

सम्मान कैपिटल में 98.09 प्रतिशत हिस्सेदारी पब्लिक शेयरहोल्डर्स के पास है। कंपनी का मार्केट कैप 12000 करोड़ रुपये है। शेयर एक महीने में 20 प्रतिशत नीचे आया है। सिंतबर 2025 तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू 2,062.55 करोड़ रुपये रहा था। शुद्ध मुनाफा 275.45 करोड़ रुपये रहा था। वित्त वर्ष 2025 में रेवेन्यू 7,610.40 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 942.69 करोड़ रुपये रहा।

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