Devyani International और Sapphire Foods के विलय को बोर्ड की मंजूरी, शेयरों में दिखी तेज हलचल

Sapphire Foods-Devyani International Merger: देश में यम ब्रांड्स की फ्रेंचाइजीज सफायर फूड्स और देवयानी इंटरनेशनल का विलय होने वाला है। दोनों के बोर्ड्स से लंबे समय से इंतजार के बाद इसकी मंजूरी मिल गई। जानिए इसके लिए शेयरों का स्वैप रेश्यो क्या तय हुआ है, यह विलय आखिर हो क्यों रहा है और विलय के बाद क्या असर होगा?

अपडेटेड Jan 02, 2026 पर 4:06 PM
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यम ब्रांड्स इंडिया की फ्रेंचाइजीज Sapphire Foods और Devyani International का विलय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।

Sapphire Foods-Devyani International Merger: लंबे समय से सफायर फूड्स और देवयानी इंटरनेशनल के विलय की चर्चा चल रही थी और अब आखिरकार दोनों कंपनियों के बोर्ड ने इसकी मंजूरी दे दी है। यह विलय 1 अप्रैल 2026 यानी अगले वित्त वर्ष 2027 से प्रभावी होगा और कंपनी ने इसकी जानकारी इस साल के पहले कारोबारी दिन यानी 1 जनवरी को इक्विटी मार्केट का कारोबार बंद होने के बाद दी थी। ऐसे में आज जब मार्केट खुला तो इनके शेयरों में तेज हलचल दिखी और सफायर फूड्स के शेयर 5% से अधिक टूटे तो देवयानी इंटरनेशनल के शेयर 7% से अधिक उछल पड़े।

यम ब्रांड्स इंडिया की फ्रेंचाइजीज का विलय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। आज बीएसई पर सफायर फूड्स का शेयर 4.09% की गिरावट के साथ ₹250.65 (Sapphire Foods Share Price) तो देवयानी इंटरनेशनल के शेयर 0.14% की बढ़त के साथ ₹148.15 (Devyani International Share Price) पर बंद हुए हैं। इंट्रा-डे में सफायर फूड्स 5.57% फिसलकर ₹246.80 तो देवयानी इंटरनेशनल 7.77% उछलकर ₹159.45 तक पहुंच गया था।

Sapphire Foods और Devyani International मर्जर का यह स्वैप रेश्यो तय


सफायर फूड्स और देवयानी इंटरनेशनल के बीच जो बात बनी है, उसके मुताबिक सफायर फूड्स के शेयरहोल्डर्स को 100 शेयरों के बदले देवयानी इंटरनेशनल के 177 शेयर मिलेंगे। इस सौदे के तहत देवयानी इंटरनेशनल को हैदराबाद में केएफसी के 19 आउटलेट्स भी मिलेंगे जिसे अभी यम ब्रांड्स (Yum Brands) चला रही है।

इस कारण हो रहा है विलय

विलय के बाद भी सफायर फूड्स का कारोबार चलता रहेगा लेकिन इसका पूरा बिजनेस देवयानी इंटरनेशनल के नाम से चलेगा। विलय का लक्ष्य केएफसी और पिज्जा हट के कारोबार को एक ही लिस्टेड कंपनी के तहत चलाने की है। इससे ऑपरेशनल एफिसिएंसी बढ़ेगी और इसे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि ध्यान दें कि इस सौदे के तहत एयरपोर्ट्स और रेलवे स्टेशंस पर कैप्टिव आउटलेट्स को बाहर रखा गया है। एक और अहम बात ये है कि सफायर फूड्स मॉरीशस देवयानी ग्रुप की एंटिटी आर्कटिक इंटरनेशनल को करीब 5.95 करोड़ शेयर यानी 18.5% हिस्सेदारी बेच रही है जिससे विलय के पहले ही प्रमोटर लेवल पर कंसालिडेशन बढ़ रहा है।

विलय के बाद क्या होगा असर?

देवयानी इंटरनेशनल के लिए इस सौदे को काफी पॉजिटिव माना जा रहा है क्योंकि ओवरलैप खत्म होने से रेवेन्यू और लागत में तालमेल बनने की उम्मीद है, बड़े पैमाने पर विस्तार के कारण ऑपरेटिंग लेवरेज में सुधार होगा और मीडियम टर्म में वैल्यूएशन भी बढ़ेगा। विलय के बाद प्रति स्टोर रेवेन्यू और लागत में सुधार, विस्तार, और रेवेन्यू मिक्स में बदलाव पर नजर रहेगी। दोनों कंपनियों के कारोबारी डिटेल्स की तुलना करें तो वित्त वर्ष 2025 में देवयानी इंटरनेशनल का रेवेन्यू ₹4,951 करोड़ और सफायर फूड्स का ₹2,875 करोड़; देवयानी इंटरनेशनल का ऑपरेटिंग ईबीआईटीडीए ₹494 करोड़ और सफायर फूड्स का ₹262 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन में देवयानी इंटरनेशनल का 10% तो सफायर फूड्स का 9.1% रहा। स्टोर्स की बात करें तो वित्त वर्ष 2025 में देवयानी के 2039 तो सफायर के 963 स्टोर्स थे।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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