SBI Share Price: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) का शेयर अपनी रिकॉर्ड ऊंचाई से गिरा था। हालांकि, फिर से शेयर में स्ट्रेंथ दिख रहा है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने शेयर को खरीदने की सलाह दी है। उसने शेयर के लिए 1,300 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि मौजूदा प्राइस से यह शेयर करीब 30 फीसदी ऊपर जा सकता है। 12 जून को शेयर में तेजी दिखी। यह करीब 1 फीसदी की तेजी के साथ 1,010 रुपये पर चल रहा था।
लोन की ग्रोथ 13 फीसदी रह सकती है
Jefferies ने कहा है कि कॉर्पोरेट लोन की रीप्राइसिंग से SBI को अपना नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) बनाए रखने में मदद मिलेगी। डिपॉजिट के मामले में भी तस्वीर बेहतर हो रही है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि अगले कुछ सालों में एसबीआई के लोन का CAGR 13 फीसदी और रिटर्न ऑन इक्विटी (RoE) 14 फीसदी रह सकता है। एक्सपेक्टेड क्रेडिट लॉस (ECL) फ्रेमवर्क का एसबीआई पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा। SBI देश का सबसे बड़ा बैंक है।
वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर
जेफरीज ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एसबीआई के शेयरों में FY27 की उसकी एडजस्टेड प्राइस-टू-बुक वैल्यू के करीब 1.4 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है, जो अट्रैक्टिव है। बैंक के मार्च तिमाही के नतीजों पर इनवेस्टर्स की प्रतिक्रिया मिलीजुली रही है। इस दौरान बैंक का नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 44,381 करोड़ रुपये रहा। यह साल दर साल आधार पर 4.1 फीसदी ज्यादा है। लेकिन, एनालिस्ट्स की उम्मीद से कम है। नेट प्रॉफिट 5.6 फीसदी बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये हो गया। ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स में भी इम्प्रूवमेंट है।
कुछ समय के लिए मार्जिन पर दबाव
एसबीआई के मार्जिन पर दबाव दिख रहा है। लेकिन, ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए का कहना है कि यह कुछ समय के लिए है। मार्जिन पर दबाव का असर एसबीआई के शेयरों पर पड़ा है। मार्च तिमाही के नतीजों के ऐलान के बाद शेयर करीब 9 फीसदी गिरा है। सीएलएसए ने पिछले महीने के आखिर में एसबीआई के शेयरों पर 'आउटपरफॉर्म' की अपनी रेटिंग बनाए रखी थी। उसने शेयर के लिए 1,275 रुपये का टारगेट प्राइस दिया था।
SBI का शेयर 11 जून को 1,001.1 रुपये पर बंद हुआ था। इस आधार पर बैंक का मार्केट कैपिटलाइजेशन 9.25 लाख करोड़ रुपये है। हालिया गिरावट के बावजूद बीते एक साल में यह शेयर 24 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है, जो निफ्टी के रिटर्न से काफी ज्यादा है। शेयर एक बार फिर से रफ्तार पकड़ता दिख रहा है।
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