SBI Share Price: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के शेयरों में 8 मई को 7 फीसदी गिरावट आई। इसकी वजह बैंक के उम्मीद से कमजोर नतीजे हैं। देश के सबसे बड़े बैंक ने 8 मई को मार्च तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इसके बाद शेयर 7.42 फीसदी क्रैश कर गया। हालांकि, बाद में थोड़ा संभलने के बाद कारोबार के अंत में यह 6.74 टूटकर 1,018 रुपये पर बंद हुआ। सवाल है कि क्या इतनी बड़ी गिरावट के बाद एसबीआई का शेयर काफी सस्ता मिल रहा है और आपको इसे खरीद लेना चाहिए?
प्रॉफिट एनालिस्ट्स की उम्मीद से कम
SBI का मार्च तिमाही में स्टैंडएलोन मुनाफा 5.6 फीसदी बढ़कर 19,684 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले की समान अवधि में यह 18,643 करोड़ रुपये था। FY26 की मार्च तिमाही में बैंक का प्रॉफिट एनालिस्ट्स के अनुमान से कम है। एनालिस्ट्स ने इस दौरान बैंक का प्रॉफिट 20,312 करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया था। एसबीआई देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक है।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के एसवीपी (रिसर्च) अजीत मिश्रा ने कहा, "एसबीआई का शेयर और गिर सकता है। इसे 970-990 रुपये की रेंज में सपोर्ट मिल सकता है। इनवेस्टर्स को इस शेयर में इनवेस्ट करने के लिए अभी इंतजार करना चाहिए। जिन इनवेस्टर्स के पास यह शेयर पहले से है, उन्हें 970 रुपये के लेवल पर स्टॉपलॉस लगाना चाहिए। तेजी की स्थिति में इस शेयर को 1,050-1,075 की रेंज में रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा।"
फिलहाल निवेश से बचने की सलाह
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रुचित जैन ने कहा, "शॉर्ट टर्म में एसबीआई के शेयरों में साइडवेज ट्रेंड दिख सकता है। इस शेयर ने हाल में मार्केट में आई तेजी में पार्टिसिपेट नहीं किया है। इस शेयर के लिए 1,120 रुपये पर रेसिस्टेंस है। इसे करीब 975 रुपये के लेवल पर सपोर्ट मिलेगा। हाल में शेयरों में आई गिरावट को देखते हुए इनवेस्टर्स को अभी इस शेयर में निवेश से बचना चाहिए। उन्हें तब तक इंतजार करना चाहिए जब तक इसकी चाल बदल नहीं जाती।"
हालांकि, मार्च तिमाही में बैंक की एसेट क्वालिटी में इम्प्रूवमेंट है। बैंक का ग्रॉस एनपीए घटकर 1.49 फीसदी पर आ गया। दिसंबर तिमाही के अंत में यह 1.57 फीसदी था। एक साल पहले की मार्च तिमाही में यह 1.82 फीसदी था। बीते एक साल में यह शेयर करीब 31 फीसदी चढ़ा है। 8 अप्रैल को शेयर बाजार में आई गिरावट का असर भी एसबीआई के शेयरों पर पड़ा।
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