इंडसइंड बैंक ने 10 मार्च को मार्केट बंद होने के बाद अपने डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में लैप्सेज के बारे में बताया था। इसका असर 11 मार्च को बैंक के शेयरों पर पड़ा। शेयर 27 फीसदी से ज्यादा गिर गए। बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में लैप्सेज को लेकर कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए। अब सेबी ने इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट से एक बड़ा सवाल पूछा है। बताया जाता है कि उसने बैंक के मैनेजमेंट से पूछा है कि उसने इस लैप्सेज के बारे में अक्टूबर 2024 में तब क्यों नहीं बताया था, जब उसने इस मामलें की जांच शुरू की थी।
