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SEBI ने IndusInd Bank के मैनेजमेंट से पूछा बड़ा सवाल, आखिर बैंक ने लैप्सेज के बारे में पहले क्यों नहीं बताया?

IndusInd Bank: इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट ने 10 मार्च को कहा था कि बैंक ने पिछले साल अक्टूबर में ही डेरिवेटिव पोर्टफोलियो की जांच शुरू कर दी थी। इस बार सेबी ने यह सवाल पूछा है कि अगर बैंक को पिछले साल अक्टूबर में लैप्सेज के बारे में पता चल गया था तो उसने तब निवेशकों को इस बारे में क्यों नहीं बताया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Mar 17, 2025 पर 11:28 AM
SEBI ने IndusInd Bank के मैनेजमेंट से पूछा बड़ा सवाल, आखिर बैंक ने लैप्सेज के बारे में पहले क्यों नहीं बताया?
17 मार्च को इंडसइंड बैंक के शेयर 3 फीसदी चढ़कर 693 रुपये पर चल रहे थे।

इंडसइंड बैंक ने 10 मार्च को मार्केट बंद होने के बाद अपने डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में लैप्सेज के बारे में बताया था। इसका असर 11 मार्च को बैंक के शेयरों पर पड़ा। शेयर 27 फीसदी से ज्यादा गिर गए। बैंक के डेरिवेटिव पोर्टफोलियो में लैप्सेज को लेकर कई तरह के कयास लगने शुरू हो गए। अब सेबी ने इंडसइंड बैंक के मैनेजमेंट से एक बड़ा सवाल पूछा है। बताया जाता है कि उसने बैंक के मैनेजमेंट से पूछा है कि उसने इस लैप्सेज के बारे में अक्टूबर 2024 में तब क्यों नहीं बताया था, जब उसने इस मामलें की जांच शुरू की थी।

सेबी की चिंता की बड़ी वजह

एक सीनियर अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर कहा, "SEBI की चिंता यह है कि बैंक भले ही अभी ठीक-ठीक यह नहीं बता सकता कि इस लैप्सेज की वजह से उसकी बैलेंसशीट पर कितना असर पड़ेगा। लेकिन, सवाल यह है कि मौजूदा स्थिति क्या पिछले साल अक्टूबर की स्थिति से अलग है?" इस बारे में मनीकंट्रोल की तरफ से IndusInd Bank और SEBI को भेजे गए ईमेल के जवाब नहीं मिले।

बैंक ने 10 मार्च को लैप्सेज के बारे में बताया 

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