संजीव भसीन समेत 12 लोगों को SEBI ने ट्रेडिंग से किया बैन, ₹11 करोड़ भी जब्त; जानिए क्या है पूरा मामला

SEBI ने मार्केट एक्सपर्ट संजीव भसीन समेत 12 लोगों को शेयर बाजार से बैन किया और ₹11.37 करोड़ भी जब्त कर लिए हैं। जानिए सेबी ने यह एक्शन क्यों लिया और क्या है पूरा मामला।

अपडेटेड Jun 17, 2025 पर 7:31 PM
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SEBI की जांच जनवरी 2020 से जून 2024 के बीच के पीरियड की है।

Sanjiv Bhasin SEBI ban: कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI ने मंगलवार को मशहूर मार्केट कमेंटेटर संजीव भसीन और 11 अन्य लोगों पर कड़ा एक्शन लिया। SEBI ने इन सभी को शेयर बाजार में किसी भी तरह की ट्रेडिंग से बैन कर दिया है। यह कार्रवाई एक जांच के बाद की गई, जिसमें इन लोगों की फ्रंट-रनिंग (Front-running) स्कीम में संलिप्तता पाई गई। साथ ही, ₹11.37 करोड़ की अवैध कमाई जब्त करने का आदेश भी जारी किया गया है।

संजीव भसीन पर क्या हैं आरोप?

SEBI के अंतरिम आदेश के मुताबिक, IIFL Securities Ltd के डायरेक्टर संजीव भसीन पर आरोप है कि उन्होंने टेलीविजन चैनलों और सोशल मीडिया पर स्टॉक की सिफारिश करने से पहले खुद उन स्टॉक्स को खरीदा, और फिर कीमतें बढ़ने के बाद उन्हें मुनाफे में बेच दिया।


SEBI ने इसे "मार्केट को सुरक्षित रखने और अवैध कमाई को बचाने" के लिए जरूरी अंतरिम आदेश बताया है।

बैंक और डीमैट खाते फ्रीज

SEBI ने भसीन समेत सभी 12 आरोपियों को आदेश दिया है कि वे ₹11.37 करोड़ की रकम FD (फिक्स्ड डिपॉजिट) में जमा करें, जिस पर SEBI का नियंत्रण होगा। यानी वे लोग उस FD को छू नहीं सकते, न तो तोड़ सकते हैं, न पैसे निकाल सकते हैं, जब तक SEBI केस खत्म नहीं करता या मंजूरी नहीं देता।

साथ ही, बैंक और डीमैट खातों से कोई डेबिट ट्रांजैक्शन ना हो, इसके लिए संबंधित बैंकों और डिपॉजिटरी को निर्देश दे दिए गए हैं। कोई भी संपत्ति, म्यूचुअल फंड या सिक्योरिटीज तब तक ट्रांसफर या बेची नहीं जा सकती जब तक SEBI की इजाजत न हो।

2020 से 2024 तक की जांच

SEBI की जांच जनवरी 2020 से जून 2024 के बीच के पीरियड की है। जांच की शुरुआत तीन शिकायतों के बाद हुई थी, जिसमें भसीन की स्टॉक मैनिपुलेशन में भूमिका की बात सामने आई थी।

SEBI ने जून 2024 में देशभर में सर्च और सीज़र ऑपरेशन चलाया था, जिसमें कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज़ से डेटा कलेक्ट किया गया।

ब्रोकरेज फर्म पर भी बैन

Noticee No. 4 - RRB Master Securities Delhi Ltd, वो ब्रोकरेज फर्म है जिसके जरिए भसीन ने ये ट्रेड किए। इस फर्म को भी प्रोप्राइटरी ट्रेडिंग से बैन कर दिया गया है।

सभी आरोपियों को SEBI के निर्देश तक सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी शेयर या सिक्योरिटी में डील करने से रोक दिया गया है।

अब आगे क्या होगा?

सेबी का यह आदेश शो-कॉज नोटिस भी है यानी भसीन और बाकी आरोपियों को अब यह जवाब देना होगा कि उनके खिलाफ स्थायी बैन, ब्याज सहित रिकवरी और अन्य जुर्माना क्यों न लगाया जाए।

उन्हें 21 दिनों के भीतर जवाब देने और व्यक्तिगत सुनवाई की मांग करने की इजाजत दी गई है।

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