शेयर बाजार रेगुलेटर सेबी (Sebi) एक ऐसा प्लेटफॉर्म लॉन्च करने पर विचार कर रहा है, जहां औपचारिक लिस्टिंग से पहले भी निवेशकों को संबंधित कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग की इजाजत मिल सके। सेबी की चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच ने 21 जनवरी को एक कार्यक्रम के मौके पर यह जानकारी दी। बुच ने कहा, 'शेयरों का आवंटन होने से लेकर शेयरों की ट्रेडिंग शुरू होने तक तीन दिनों की अवधि के दौरान बड़े पैमाने पर अनौपचारिक ट्रेडिंग होती है। अगर निवेशक ऐसा करना चाहते हैं, तो उन्हें रेगुलेटेड प्लेटफॉर्म पर ही इस तरह का मौका क्यों नहीं दिया जाए।'
उनका कहना था, 'ऐसे शेयरों के लिए बाजार में भले ही ट्रेडिंग नहीं शुरू हुई हो, लेकिन अगर इन शेयरों का आवंटन हो चुका है, तो निवेशक इन शेयरों का हकदार बन चुका होता है।' अगर लिस्टिंग से पहले ट्रेडिंग के लिए प्लेटफॉर्म शुरू होता है, तो निवेशकों को भी आवंटन के तुरंत बाद भी शेयरों में ट्रेडिंग की सुविधा मिल सकेगी।
फिलहाल, लिस्टिंग होने तक डीमैट खाते में शेयरों को फ्रीज रखा जाता है, ताकि अनलिस्टेड शेयरों या असंगठित प्लेटफॉर्म पर ट्रेडिंग को रोका जा सके। ग्रे मार्केट में अनलिस्टेड शेयरों की ट्रेडिंग का प्रचलन काफी आम है। ऐसे में सेबी चीफ का यह बयान काफी अहम है। ग्रे मार्केट पूरी तरह से बिना रेगुलेशन वाला मार्केट है और इसे अक्सर संभावित लिस्टिंग गेन का इंडिकेटर माना जाता है।
सेबी का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब प्राइमरी मार्केट में IPO के लिहाज से काफी तेजी देखने को मिल रही है। साल 2024 के दौरान एशिया में IPO की लॉन्चिंग के मामले में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) सबसे अव्वल रहा। प्राइम डेटा बेस के आंकड़ों के मुताबिक, यह साल भी IPO के लिहाज से काफी आकर्षक जान पड़ता है और सेबी के पास मंजूरी के लिए पहले ही 1.80 लाख के पब्लिक इश्यू के प्रस्ताव पड़े हैं।