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नए जमाने की टेक कंपनियों का IPO प्राइस कितना हो? यह बताना SEBI का काम नहीं: चेयरपर्सन माधवी बुच

SEBI चेयरपर्सन ने कहा कि कंपनियों को यह बताना चाहिए कि कैसे उनका वैल्यूएशन प्री-आईपीओ प्लेसमेंट और आईपीओ के बीच में बदल जाता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 13, 2022 पर 3:40 PM
नए जमाने की टेक कंपनियों का IPO प्राइस कितना हो? यह बताना SEBI का काम नहीं: चेयरपर्सन माधवी बुच
माधवी पुरी बुच, SEBI की मौजूदा और पहली महिला चेयरपर्सन

सिक्योरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की चेयरपर्सन माधवी पुरी बुच (Madhabi Puri Buch) ने मंगलवार को कहा कि शेयर बाजार के नियामक का काम नए जमाने की टेक कंपनियों को उनके इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) की कीमत सुझाना नहीं है। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कंपनियों को इस बारे में अधिक खुलासा करना चाहिए कि कैसे उनका वैल्यूएशन प्री-आईपीओ प्लेसमेंट और आईपीओ के बीच में बदल जाता है।

न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, माधवी पुरी बुच ने इंडस्ट्री संगठन फिक्की की तरफ से आयोजित एक सालाना कैपिटल मार्केट सम्मेलन को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं। उन्होंने कहा, "टेक्नोलॉजी कंपनियों के IPO के प्राइस-बैंड को लेकर काफी कुछ कहा जाता है। आप किस वैल्यूएशन पर IPO लाना चाहते हैं यह देखना आपका काम है। हमारा इसके बारे में सुझाव देने का काम नहीं है।"

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कोई कंपनी निवेशकों को 100 रुपये प्रति शेयर के भाव पर शेयर बेच रही है। लेकिन कुछ माह बाद जब वह IPO लाती है, तो वह अपने शेयर के लिए 450 रुपये का भाव मांगती है। उन्होंने कहा कि कंपनी ऊंचा दाम मांगने के लिए स्वतंत्र है, लेकिन उसे यह खुलासा करना चाहिए कि इस बीच की अवधि में ऐसा क्या हुआ है जिससे शेयर का भाव इतना बढ़ गया है। बता दें कि माधवी पुरी बुच, SEBI की पहली महिला चीफ है।

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