CAS पर SEBI के कंसल्टेशन पेपर में रखे गए ये अहम प्रस्ताव, 3 अक्टूबर तक सभी पक्षों के देनी है अपनी राय

CAS पर SEBI का कंसल्टेशन पेपर में कहा गया है कि इंडेक्स और स्टॉक्स वायदा सेटलमेंट के तरीके में बदलाव की समीक्षा की जाएगी। इसमें मार्केट की टाइमिंग को लेकर भी प्रस्ताव दिए गए हैं। SEBI ने अलग-अलग सात प्रस्ताव दिए हैं। इन पर तीन अक्तूबर तक सभी पक्षों से राय मांगी गई है

अपडेटेड Sep 15, 2026 पर 1:31 PM
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सेबी का प्रस्ताव है कि CAS में +-1% के ऑर्डर कैंसिल नहीं किए जा सकेंगे। हालांकि +-1% के ऑफर में सुधार से जुड़े बदलाव हो सकेंगे। CAS के दौरान +-1% का प्राइस बैंड कायम रहे

मार्केट रेगुलेटर सेबी ने एक्सपायरी के दिन CAS को लेकर कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। सेबी ने वायदा एक्सपायरी को CAS से डीलिंक करने या ब्लेंडेंड VWAP से सेटलमेंट का प्रस्ताव दिया है। साथ ही मार्केट टाइमिंग और ऑर्डर कैंसिलेशन पर लगाम से जुड़े प्रस्तावों पर भी राय मांगी गई है। CAS पर SEBI का कंसल्टेशन पेपर में कहा गया है कि इंडेक्स और स्टॉक्स वायदा सेटलमेंट के तरीके में बदलाव की समीक्षा की जाएगी। इसमें मार्केट की टाइमिंग को लेकर भी प्रस्ताव दिए गए हैं। SEBI ने अलग-अलग सात प्रस्ताव दिए हैं। इन पर तीन अक्तूबर तक सभी पक्षों से राय मांगी गई है।

पहला प्रस्ताव: ब्लेंडेड VWAP

सेबी के प्रस्ताव में कहा गया है कि एक्सपायरी के दिन VWAP और CAS दोनों का इस्तेमाल होना चाहिए। 30 मिनट के VWAP के साथ 10 मिनट के CAS से सेटलमेंट हो सकता है। CTS और CAS का अलग से कोई वेटेज ना हो।


दूसरा प्रस्ताव: पुराना VWAP सिस्टम

दूसरे प्रस्ताव में कहा गया है कि एक्सपायरी के दिन सेटलमेंट CAS से ना हो। एक्सपायरी के दिन 30 मिनट के VWAP से सेटलमेंट हो। कम से कम एक साल बाद फिर से समीक्षा हो। SEBI चाहता है कि लॉन्ग टर्म में ब्लेंडेड VWAP से सेटलमेंट हो।

तीसरा प्रस्ताव: इंडिकेटिव भाव ना दिखे

CAS के दौरान इंडेक्स का इंडिकेटिव भाव ना दिखाया जाए। इंडिकेटिव भाव से सट्टेबाजी बढ़ने का खतरा है। इंडेक्स में शामिल शेयरों के इंडिकेटिव भाव दिखाए जाते रहें।

चौथा प्रस्ताव: मार्केट टाइमिंग में बदलाव

इसके लिए पहला ऑप्शन यह है कि सभी शेयरों में पहले की तरह 3:30 तक ट्रेडिंग हो। 3:31 से 3:40 तक CAS चले। CAS वाले शेयरों में वायदा ट्रेडिंग 3:45 तक चले।

मार्केट टाइमिंग में बदलाव के लिए दूसरा ऑप्शन यह है कि CAS वाले शेयरों में 3:15 और नॉन CAS में 3:30 तक सामान्य ट्रेडिंग हो। 3:15 से 3:25 तक 10 मिनट का CAS हो। CAS वाले शेयरों में वायदा ट्रेडिंग 3:30 तक चले।

छठा प्रस्ताव: कैंसिलेशन पर लगाम

सेबी का अगला प्रस्ताव है कि CAS में +-1% के ऑर्डर कैंसिल नहीं किए जा सकेंगे। हालांकि +-1% के ऑफर में सुधार से जुड़े बदलाव हो सकेंगे। CAS के दौरान +-1% का प्राइस बैंड कायम रहे।

सातवां प्रस्ताव: अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर

अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर CAS में लाए जाएं। अभी अनएक्जीक्यूटेड आइसबर्ग ऑर्डर CAS में नहीं आते। सामान्य लिमिट ऑर्डर के तौर पर CAS में लाएं जाएं। पूरी पेंडिंग क्वॉंटिटी CAS के दौरान डिस्क्लोज हो।

खबर का असर

इस खबर के चलते BSE और एंजेल वन के शेयरों में तेजी आई है। इन पर SEBI के कंसल्टेशन पेपर का पॉजिटिव असर संभव है। दोनों शेयरों में CAS के बाद तेज गिरावट आई थी। SEBI के प्रस्तावों में पुराने VWAP पर लौटने का प्रस्ताव शामिल है। BSE और एंजेल वन दोनों में निचले स्तरों से अच्छा रिवर्सल दिखा है। हालांकि बीएसई का शेयर अभी लाल निशान में दिख रहा है। 1.15 बजे के आसपास यह शेयर 16.30 रुपए यानी 0.48 फीसदी की कमजोरी के साथ 3365 के स्तर पर दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 3,452.70 रुपए है। वहीं, एंजेल वन का शेयर 2.90 रुपए यानी 0.95 फीसदी की गिरावट के साथ 302 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 310 रुपए है।

 

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