सरकार ने UPI पर नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 2000 रुपए तक के UPI और Rupay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन फ्री रहेंगे रहेंगे। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक 2000 रुपए से ज्यादा के UPI ट्रांजैक्शन पर चार्ज संभव है। रोजमर्रा के UPI ट्रांजैक्शन पर नागरिकों से कोई चार्ज नहीं होगा। MDR भी सिर्फ कुछ खास मर्चेंट/बिजनेस ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। हर UPI पेमेंट पर MDR चार्ज लागू नहीं होगा। 14 सितंबर के नोटिफिकेशन में यह नहीं कहा गया है कि MDR सिर्फ़ बड़े व्यापारियों पर लागू होगा। यह फ़ैसला UPI पैनल पर छोड़ दिया गया है।
सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ़ इंडिया (NPCI) की UPI और सर्विसेज़ स्टीयरिंग कमिटी इस हफ़्ते डिजिटल ट्रांज़ैक्शन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) तय करने के लिए बैठक कर सकती है। यह बैठक सरकार द्वारा 14 सितंबर को MDR चार्ज को औपचारिक रूप देने वाला गजट नोटिफिकेशन जारी करने के बाद हो रही है। बता दें कि NPCI, UPI और घरेलू कार्ड नेटवर्क RuPay दोनों को चलाता है। MDR वह कमीशन है जो मर्चेंट डिजिटल पेमेंट की सुविधा के लिए बैंकों को देते हैं।
स्टीयरिंग कमिटी के पास UPI प्लेटफ़ॉर्म के नियम तय करने का अधिकार है। इसमें 22 सदस्य होते हैं जो पब्लिक सेक्टर बैंक, प्राइवेट सेक्टर बैंक, स्मॉल फ़ाइनेंस बैंक, UPI ऐप और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) व पेमेंट्स काउंसिल ऑफ़ इंडिया (PCI) जैसे इंडस्ट्री संगठनों का प्रतिनिधित्व करते हैं। सूत्रों के मुताबिक इस मीटिंग की अध्यक्षता NPCI के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO दिलीप अस्बे और ग्रोथ के लिए एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सोहिनी राजोला करेंगे।
NPCI ने इस बारे में किए गए मनीकंट्रोल के सवालों का अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है।
कमिटी इकोसिस्टम पार्टनर्स के बीच MDR रेवेन्यू के बंटवारे के लिए एक डिवोल्यूशन फ़्रेमवर्क भी लागू करेगी। इन पार्टनर्स में जारीकर्ता बैंक (ग्राहक का खाता रखने वाली संस्थाएं), UPI ऐप्स, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर (PSP) बैंक और मर्चेंट्स को ऑनबोर्ड करने के लिए जिम्मेदार पेमेंट एग्रीगेटर्स शामिल होते हैं। MDR सिर्फ़ मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर लागू होता है। आम कस्टमर और एंड यूजर्स के लिए UPI ट्रांज़ैक्शन मुफ्त रहेंगे।
मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक इंडस्ट्री को उम्मीद है कि ₹2,000 से ज़्यादा के ट्रांज़ैक्शन और बड़े मर्चेंट के लिए लगभग 25-30 bps का चार्ज लगाया जाएगा। MDR सिर्फ़ मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर लागू होता है और इसमें UPI पेमेंट के लिए ग्राहकों से कोई चार्ज नहीं लिया जाता है। डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर पहले से ही MDR लगता है। जहां डेबिट कार्ड का MDR लगभग 80-90 bps होता है, वहीं क्रेडिट कार्ड का MDR 250 bps तक हो सकता है।
शुरुआती अनुमानों के मुताबिक ₹2,000 से ज़्यादा के मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर 25 bps का लेवी लगाने से सालाना MDR रेवेन्यू के तौर पर लगभग ₹13,000 करोड़ मिल सकते हैं। MDR चार्ज लगाने से बैंकों और फिनटेक कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर, इनोवेशन और सिक्योरिटी पर ज्यादा निवेश करने में मदद मिलेगी। इसका फायदा आखिरकार सभी UPI यूजर्स को मिलेगा।