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SEBI एसोसिएशंस ऑफ पर्संस को डीमैट अकाउंट में सिक्योरिटीज रखने की इजाजत दे सकता है, जानिए क्या है इसका मतलब

SEBI एसोसिएशंस ऑफ पर्संस (एओपी) को म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और सरकारी सिक्योरिटीज डीमैट अकाउंट में रखने की इजाजत देने पर विचार कर रहा है। मार्केट रेगुलेटर ने इस बारे में 16 अक्टूबर को एक कंसल्टेशन पेपर पेश किया है। इस पर लोगों से 5 नवंबर तक सलाह मांगी गई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 18, 2024 पर 10:01 AM
SEBI एसोसिएशंस ऑफ पर्संस को डीमैट अकाउंट में सिक्योरिटीज रखने की इजाजत दे सकता है, जानिए क्या है इसका मतलब
एओपी यानी एसोसिएशंस ऑफ पर्संस ऐसे लोगों का समूह है, जो एक तरह के मकसद के लिए साथ मिलकर काम करते हैं।

सेबी एसोसिएशंस ऑफ पर्संस (एओपी) को म्यूचुअल फंड्स की यूनिट्स, कॉर्पोरेट बॉन्ड्स और सरकारी सिक्योरिटीज डीमैट अकाउंट में रखने की इजाजत दे सकता है। मार्केट रेगुलेटर ने इस बारे में प्रस्ताव पेश किया है। हालांकि, एओपी को डीमैट अकाउंट में कंपनियों के शेयर रखने की इजाजत नहीं मिलेगी। एओपी यानी एसोसिएशंस ऑफ पर्संस ऐसे लोगों का समूह है, जो एक तरह के मकसद के लिए साथ मिलकर काम करते हैं। सेबी ने इस बारे में 16 अक्टूबर को कंसल्टेशन पेपर पेश किया है।

सेबी के प्रस्ताव पर 5 नवंबर तक भेजी जा सकती है राय

SEBI के कंसल्टेशन पेपर में कहा गया है कि AoP पर यह सुनिश्चित करने की कानूनी जिम्मेदारी होगी कि वे सिर्फ ऐसे फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स/सिक्योरिटीज को सब्सक्राइब करेंगे, जिनकी इजाजत एओपी से जुड़े नियमों में दी गई है। सेबी ने इस प्रस्ताव पर लोगों की राय मांगी है। लोग अपनी राय या टिप्पणी 5 नवंबर तक भेज सकते हैं।

अभी सिर्फ नेचुरल पर्सन के नाम से डीमैट अकाउंट खोलने की इजाजत

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