Get App

'दलित खतरे में हैं': खड़गे के उत्तराखंड विवाद को बड़ी सियासी कहानी क्यों बना रही कांग्रेस?

मानसून सत्र खत्म हुए 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। सत्र के आखिरी दिन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड में बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में उनकी रैली के बाद राज्य की बीजेपी यूनिट ने 'शुद्धिकरण' का कार्यक्रम किया था।

Edited By: Ashwani Kumar Srivastavaअपडेटेड Sep 01, 2026 पर 4:06 PM
'दलित खतरे में हैं': खड़गे के उत्तराखंड विवाद को बड़ी सियासी कहानी क्यों बना रही कांग्रेस?
‘संविधान खतरे में है’ के बाद अब ‘दलित खतरे में हैं’? कांग्रेस ने क्यों बदली रणनीति

मानसून सत्र खत्म हुए 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं। सत्र के आखिरी दिन, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने उत्तराखंड में बीजेपी सरकार पर जोरदार हमला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्द्वानी में उनकी रैली के बाद राज्य की बीजेपी यूनिट ने 'शुद्धिकरण' या सफाई का कार्यक्रम किया था। खड़गे का आरोप था कि यह कार्यक्रम इसलिए किया गया क्योंकि वह दलित हैं।

इसके बाद कांग्रेस इस मुद्दे पर लगभग चुप ही रही, हालांकि सोनिया गांधी, खड़गे के साथ राज्यसभा चेयरमैन से मिलने गईं और इस घटना की औपचारिक शिकायत की।

कुछ दिनों बाद, कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में खड़गे ने कथित तौर पर कहा कि उनकी अपनी पार्टी के ज्यादातर नेताओं ने इस मुद्दे को उठाने की जहमत नहीं उठाई। हालांकि, इस बात के एक हफ्ते बाद राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और तब से कांग्रेस इस मुद्दे पर तेजी से काम कर रही है।

लेकिन कांग्रेस की रणनीति सिर्फ खड़गे का समर्थन करने तक ही सीमित नहीं है। पार्टी की नजर आने वाले उत्तर प्रदेश और पंजाब चुनावों पर है, और उससे भी ज्यादा अहम, 2029 के लोकसभा चुनावों पर है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें