Get App

Student Protest: सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी सभी FIR रद्द की! इन 2,873 लोगों पर कार्रवाई का आदेश, CJP का प्रस्तावित मार्च कैंसल

Student Protest: सुप्रीम कोर्ट ने NEET परीक्षा पेपर लीक को लेकर राजधानी दिल्ली में हुए स्टूडेंट प्रोटेस्ट के दौरान प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज FIR रद्द कर दिया है। केंद्र सरकार के अनुरोध पर शीर्ष अदालत ने आर्टिकल 142 के तहत अपने विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए FIR खत्म करने का आदेश दिया है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने कहा कि दिल्ली पुलिस 2,873 ऐसे लोगों के खिलाफ FIR दर्ज करेगी, जिनका गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Sep 01, 2026 पर 4:34 PM
Student Protest: सुप्रीम कोर्ट ने स्टूडेंट प्रोटेस्ट से जुड़ी सभी FIR रद्द की! इन 2,873 लोगों पर कार्रवाई का आदेश, CJP का प्रस्तावित मार्च कैंसल
Student Protest: कॉकरोच जनता पार्टी का 5 सितंबर का प्रस्तावित 'इंडिया गेट' मार्च भी रद्द हो गया है

Student Protest: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार (1 सितंबर) को छात्र प्रदर्शनकारियों को बड़ी राहत देते हुए 20 से 25 जुलाई के बीच दर्ज सभी FIR को रद्द कर दिया। यह फैसला कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से 20 सितंबर को प्रस्तावित 'इंडिया गेट' मार्च वापस लिए जाने के बाद आया। केंद्र सरकार के अनुरोध पर सुप्रीम कोर्ट ने आर्टिकल 142 के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए NEET परीक्षा को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शनों में शामिल छात्रों के खिलाफ देश भर में दर्ज सभी FIR को खत्म कर दिया।

हालांकि, कोर्ट ने केंद्र और दिल्ली पुलिस को NEET पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों से जुड़े गंभीर आपराधिक बैकग्राउंड वाले 2,873 लोगों के खिलाफ नई FIR दर्ज करने की इजाजत दे दी है। सुनवाई के दौरान, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से आग्रह किया कि वह अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करके देश भर में 20 जुलाई से 25 जुलाई के बीच नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी FIR को खत्म करे।

छात्रों के परिवारों को मुआवजा देगी केंद्र

तुषार मेहता ने पीठ को बताया कि केंद्र सरकार CJP नेताओं को दिए गए आश्वासन को पूरा करने और NEET परीक्षा रद्द होने के बाद अपनी जान देने वाले छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने के लिए प्रतिबद्ध है। मेहता ने अदालत को बताया कि मारे गए छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाएगा। इसके तौर-तरीके तय करने के लिए तीन महीने का समय मांगा। शीर्ष अदालत ने केंद्र को निर्देश दिया है कि वह आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को तीन महीने के भीतर मुआवजा दे।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें