एक सेवारत सैनिक के 62 साल के पिता ने बेहद साहसिक फैसला किया। उन्होंने लिवर और एक किडनी दान कर मानवीय मूल्यों का सर्वोच्च प्रदर्शन किया। अंगदान के बाद इन महत्वपूर्ण अंगों को तय समयसीमा के भीतर जरूरतमंद मरीजों तक पहुंचाना बेहद जरूरी था। इस चुनौतीपूर्ण काम में भारतीय वायुसेना ने अहम भूमिका निभाई।
