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बेसिक डीमैट अकाउंट में 10 लाख रुपये तक की सिक्योरीटीज रखने की मिल सकती है इजाजत, जानिए क्या है SEBI का प्लान

Basic Services Demat Account का मतलब ऐसे डीमैट अकाउंट से है, जिसमें बेसिक सुविधाएं मिलती हैं। यह अकाउंट ऐसे रिटेल निवेशक के लिए होता है जो स्टॉक्स, बॉन्ड्स, ईटीएफ, म्यूचुअल फंड्स आदि में नियमति रूप से निवेश नहीं करते। इस अकाउंट की मेंटेनेंस कॉस्ट कम होती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 05, 2024 पर 5:52 PM
बेसिक डीमैट अकाउंट में 10 लाख रुपये तक की सिक्योरीटीज रखने की मिल सकती है इजाजत, जानिए क्या है SEBI का प्लान
सेबी ने बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट (BSDA) में सिक्योरिटीज की वैल्यू लिमिट बढ़ाने को लेकर एक कंसल्टेशन पेपर 5 जून को जारी किया है।

सेबी ने बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट (बीएसडीए) में रखे सिक्योरिटीज की वैल्यू की लिमिट बढ़ाने का प्लान बनाया है। फाइनेंशियल इनकल्यूजन को बढ़ावा देने के लिए 2012 में बीएसडीए की शुरुआत हुई थी। अभी यह नियम है कि बीएसडीए में 2 लाख रुपये मूल्य तक की डेट सिक्योरिटीज रखी जा सकती है। इसके अलावा 2 लाख रुपये मूल्य की दूसरी सिक्योरिटीज (डेट सिक्योरिटीज छोड़कर) भी इस अकाउंट में रखी जा सकती है। अब मार्केट रेगुलेटर ने इस लिमिट को बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने का प्लान बनाया है।

बेसिक डीमैट अकाउंट का मतलब क्या है?

Basic Services Demat Account का मतलब ऐसे डीमैट अकाउंट से है, जो ऐसे रिटेल निवेशक के लिए होता है जो स्टॉक्स, बॉन्ड्स, ईटीएफ, म्यूचुअल फंड्स आदि में नियमति रूप से निवेश नहीं करते। इस अकाउंट की मेंटेनेंस कॉस्ट कम होती है। सेबी ने बेसिक सर्विसेज डीमैट अकाउंट (BSDA) में सिक्योरिटीज की वैल्यू लिमिट बढ़ाने को लेकर एक कंसल्टेशन पेपर 5 जून को जारी किया है। उसने पूछा है कि क्या 10 लाख रुपये की नई लिमिट डेट और नॉन-डेट सिक्योरिटीज के लिए होना चाहिए या दोनों कैटेगरीज के लिए अलग-अलग लिमिट तय करना ठीक रहेगा?

सेबी क्यों बढ़ाने जा रहा है लिमिट?

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