सेबी ऐसे स्टॉक ब्रोकर्स के लिए एक सेटलमेंट स्कीम पेश करने जा रहा है, जिन्हें अनरेगुलेटेड एल्गो प्लेटफॉर्म्स के साथ उनके रिश्तों पर कारण बताओ नोटिस मिलता है। मामले से जुड़े सूत्रों ने इस बारे में बताया। 24 मार्च को होने वाली सेबी के बोर्ड की बैठक में इस स्कीम पर चर्चा होगी। उसके बाद इस स्कीम के जल्द नोटिफाइ हो जाने की उम्मीद है।
सेटलमेंट अमाउंट 1-2 लाख रुपये हो सकता है
इस मामले से जुड़े एक दूसरे सूत्र ने कहा कि स्कीम तैयार है और सेबी बोर्ड की अगली बैठक में इसे इंफॉर्मेशन मेमोरेंडम के रूप में पेश किया जाएगा। उसके बाद इसे नोटिफाइ कर दिया जाएगा। बताया जाता है कि सेबी इस मामले को लंबी कानूनी लड़ाई का रूप देने के पक्ष में नहीं है। सेबी सेटलमेंट अमाउंट को भी कम रखने की कोशिश कर रहा है। यह 1 से 2 लाख रुपये के बीच हो सकता है। इस स्कीम का फायदा उठाने के लिए ब्रोकर को सेबी के पास अप्लाई करना होगा।
सेटलमेंट विंडो तीन महीने खुला रहेगा
सेबी की इस स्कीम का विंडो तीन महीने के लिए खुला रहेगा। हालांकि, स्कीम को मिले रिस्पॉन्स के आधार पर इसे बढ़ाया जा सकता है। पिछले साल सेबी ने 110 से ज्यादा स्टॉक ब्रोकर्स को नोटिस भेजे थे। इनमें Zerodha, 5Paisa Capital, और Motilal Oswal Financial Services जैसी बड़ी ब्रोकरेज फर्में शामिल थीं। सेबी को जानकारी मिली थी कि अनरेगुलेटेड प्लेटफॉर्म्स एल्गो-आधारित ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी ऑफर कर रहे हैं। इनमें फिक्स्ड मार्केट रिटर्न का दावा किया जाता है।
सेबी इस बारे में सर्कुलर जारी कर चुका है
सेबी ने निवेशकों के हित में जून 2022 में एक बयान जारी किया था। इसके बाद सितंबर में एक सर्कुलर जारी किया गया। इसमें स्टॉक बोर्कर्स को एल्गोरिद्मिक ट्रेडिंग स्ट्रेटेजी ऑफकर करने वाले अनरेगुलेटेड प्लेटफॉर्म्स से रिश्ते नहीं रखने को कहा गया। इसके जरिए ब्रोकर्स को ऐसी स्ट्रेटेजी से पिछले रिटर्न या संभावित रिटर्न का दावा करने से भी रोक दिया गया। सेबी के सर्कुलर में स्टॉक ब्रोकर्स को ऐसे सभी प्लेटफॉर्म से सात दिन के अंदर रिश्ते खत्म करने को भी कहा गया था।
पिछले साल 110 स्टॉक ब्रोकर्स को भेजे गए थे नोटिस
सेबी ने पाया कि उसके निर्देश के बावजूद स्टॉक ब्रोकर्स ऐसे प्लेटफॉर्म से रिश्ते बनाए हुए हैं। इसके बाद मार्केट रेगुलेटर ने 110 स्टॉक ब्रोकर्स को नोटिस भेजे। सेटलमेंट स्कीम के साथ ही सेबी ऐसे मामलों के निपटारे के लिए एक स्टैंडर्ड प्रोसेस पर काम कर रहा है, जो पूरी तरह से पारदर्शी है और जिसमें एक जैसी कार्रवाई का प्रावधान है।