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SEBI इक्विटी कैश सेगमेंट में घटा सकता है मार्जिन, रेगुलेटर की कमेटी ने प्रस्ताव को मंजूरी दी

सेबी का फोकस कैश मार्केट में वॉल्यूम बढ़ाने पर है। पिछले तीन सालों में कैश सेगमेंट में ट्रेडिंग वॉल्यूम दोगुना हो गया है। लेकिन, यह इक्विटी डेरिवेटिव्स सेगमेंट के वॉल्यूम के मुकाबले काफी कम बढ़ा है। सेबी चेयरमैन कई बार कैश सेगमेंट में मार्जिन बढ़ाने पर जोर दे चुके हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 13, 2026 पर 4:53 PM
SEBI इक्विटी कैश सेगमेंट में घटा सकता है मार्जिन, रेगुलेटर की कमेटी ने प्रस्ताव को मंजूरी दी
अभी ज्यादातर स्टॉक्स के लिए वैल्यू एट रिस्क (VaR) और एक्सट्रीम लॉस मार्जिन (ELM) 12.5 से 20 फीसदी के बीच है।

सेबी की कमेटी ने कैश ट्रांजेक्शन पर मार्जिन घटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इससे मार्केट में कैश ट्रांजेक्शन को बढ़ावा मिलेगा। इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि अब इस मामले में सेबी को अंतिम फैसला करना है।

मौजूदा सिस्टम का रिव्यू भी करेगा सेबी

एक सूत्र ने बताया, "पैनल ने कैश सेगमेंट में मार्जिन घटाने के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। उसने मौजूदा सिस्टम के रिव्यू पर भी अपनी सहमति जताई है।" पैनल ने रिस्क को अच्छी तरह से कवर करने के लिए सही मार्जिन कलेक्ट करने की सलाह दी है। हालांकि, पैनल का कहना है कि यह 12.5 फीसदी से कम नहीं होना चाहिए। अब सेबी इस मसले पर अंतिम फैसला लेगा।

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