सेबी के बोर्ड की 19 जून को होने वाली बैठक में कई बड़े फैसले हो सकते हैं। बोर्ड स्टॉक एक्सेचेंजों के जरिए ओपन मार्केट बायबैक दोबारा शुरू करने के प्रस्ताव पर विचार करेगा। म्यूचुअल फंडों को इंट्राडे बॉरोइंग के नियमों में रियायत दी जा सकती है। रेगुलेटर इनवेस्टर की मौत पर सिक्योरिटीज के ट्रांसमिशन प्रोसेस को आसान बनाने के प्रस्ताव पर भी विचार करेगा। बोर्ड की बैठक में एग्रीकल्चरल कमोडिटी डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग फिर से शुरू करने के उपायों पर भी विचार हो सकता है।
शेयर बायबैक का अतिरिक्त रूट हो सकता है शुरू
बाजार की सबसे ज्यादा नजरें बायबैक फ्रेमवर्क के तहत अतिरिक्त रूट दोबारा शुरू करने के प्रस्ताव पर लगी हैं। इसके तहत ओपन मार्केट बायबैक की शुरुआत दोबारा हो सकती है। बायबैक के अलग-अलग तरीकों के बीच टैक्स के मामले में फर्क होने पर इस तरीके को बंद कर दिया गया था। टैक्स के नियमों में बदलाव के बाद सेबी फिर से इस रूट का इस्तेमाल शुरू करना चाहता है।
गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं को दूर करने की कोशिश
गवर्नेंस से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए सेबी ने कई उपायों पर विचार किया है। इनमें बायबैक पीरियड के दौरान प्रमोटर और प्रमोटर ग्रुप की शेयरहोल्डिंग फ्रिज करने का प्रस्ताव शामिल है। साथ ही पब्लिक अनाउनंसमेंट के एक वर्किंग डे के अंतर शेयरहोल्डर्स को इलेक्ट्रॉनिक इंटिमेंशन देना जरूरी है। सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों के जरिए होने वाले बायबैक के लिए अलग ट्रेडिंग विंडो खत्म करने का भी प्रस्ताव पेश किया है।
मर्चेंट बैंकर की अनिवार्य नियुक्ति का नियम खत्म हो सकता है
सेबी ने दो बायबैक के बीच जरूरी कूलिंग ऑफ पीरियड के बीच तालमेल का प्रस्ताव पेश किया है। साथ ही बायबैक ट्रांजेक्शंस के लिए अनिवार्य रूप से मर्चेंट बैंकर की नियुक्ति के नियम को खत्म करने पर भी विचार हो रहा है। रेगुलेटर शॉर्ट-टर्म इंट्राडे बॉरोइंग फैसिलिटीज के इस्तेमाल में म्यूचुअल फंडों को ज्यादा लचीलापन भी दे सकता है।
एग्रीकल्चरण डेरिवेटिव्स में पार्टिसिपेशन बढ़ाने की तैयारी
सेबी एग्रीकल्चरल डेरिवेटिव्स में पार्टिसिपेशन दोबारा बढ़ाने के लिए कुछ रिफॉर्म्स के उपायों को मंजूरी दे सकता है। इससे लिक्विडिटी के साथ ही बाजार में गहराई बढ़ाने में मदद मिलेगी। रेगुलेटर ने इस बारे एक पायलट फ्रेमवर्क का प्रस्ताव पेश किया है। इसके तहत मक्का, मूंगफली और मिर्च जैसी एग्री कमोडिटीज के साथ शुरुआत की जा सकती है। फिजिकल डिलीवरी शुरू करने से पहल इसे कैश सेटलमेंट के साथ लॉन्च किया जा सकता है।