SEBI के नए नियम से 100 से ज्यादा मर्चेंट बैंकर्स के लाइसेंस हो सकते हैं कैंसिल

SEBI ने मर्चेंट बैंकर्स के नए नियमों के प्रस्ताव पर एक कंसल्टेशन पेपर पिछले महीने पेश किया है। इसमें कुछ शर्तों का पालन नहीं होने पर मर्चेंट बैंकर्स के लाइसेंस कैंसिल करने का भी प्रावधान शामिल हैं। मर्चेंट बैंकर्स से जुड़े सेबी के नियम 3 दशक से ज्यादा पुराने हैं। सेबी इनमें बदलाव करना चाहता है

अपडेटेड Sep 27, 2024 पर 4:20 PM
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अभी सेबी के पास करीब 225 मर्चेंट बैंकर्स रजिस्टर्ड हैं। अगर सेबी के नए नियम लागू होते हैं तो इनमें से 100 से ज्यादा मर्चेंट बैंकर्स के लाइसेंस कैंसिल हो सकते हैं।

कई मर्चेंट बैंकर्स को लाइसेंस गंवाना पड़ सकता है। सेबी मर्चेंट बैंकर्स से जुड़े नियमों में बदलाव करना चाहता है। मार्केट रेगुलेटर ने इस बारे में पिछले महीने एक कंसल्टेशन पेपर पेश किया है। इसमें मर्चेंट बैंकर्स के लिए कई नए नियम शामिल हैं। इनमें से कुछ नियम काफी सख्त हैं। लंबे समय से मर्चेंट बैंकर्स के नियमों में बदलाव नहीं हुआ है। इन्हें 1992 में बनाया गया था। मार्केट रेगुलेटर ने तीन दशक से ज्यादा पुराने नियमों में अब बदलाव की जरूरत महसूस की है।

अभी 225 मर्चेंट बैंकर्स सेबी में रजिस्टर्ड

अभी SEBI के पास करीब 225 मर्चेंट बैंकर्स रजिस्टर्ड हैं। अगर सेबी के नए नियम लागू होते हैं तो इनमें से 100 से ज्यादा मर्चेंट बैंकर्स के लाइसेंस कैंसिल हो सकते हैं। नए नियमों में यह भी प्रस्ताव शामिल हैं कि अगर किसी मर्चेंट बैंकर को मर्चेंट बैंकिंग से जुड़ी गतिविधियों से एक निश्चित इनकम हासिल नहीं होती है तो उसका लाइसेंस कैंसिल हो सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेबी के नए नियम से कई मर्चेंट बैंकर्स पर ताला लग सकता है। इसकी वजह यह है कि कई ऐसे मर्चेंट बैंकर्स सेबी के पास रजिस्टर्ड हैं, जिनके कामकाज में इनवेस्टमेंट बैंकिंग से जुड़े कामकाज की हिस्सेदारी नाममात्र की है।


लाइसेंस कैंसिल होने का ज्यादा असर इंडस्ट्री पर नहीं पड़ेगा

एक्सपर्ट्स का यह भी कहना है कि अगर नए नियमों की वजह से बड़ी संख्या में मर्चेंट बैकर्स के लाइसेंस कैंसिल होते हैं तो इसका इंडस्ट्री पर ज्यादा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि इनके पास भले ही मर्चेंट बैंकिंग का सेबी का लाइसेंस हैं, लेकिन ये एक्टिव नहीं हैं। सेबी के कंसल्टेशन पेपर में कैटेगरी 1 मर्चेंट बैंकर्स के बारे में कहा गया है, "अगर किसी मर्चेंट बैंकर का पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर में इनवेस्टमेंट बैंकिंग गतिविधियों से रेवेन्यू कंबाइंड आधार पर 25 करोड़ रुपये से कम रहता है तो उसका रजिस्ट्रेशन कैंसिल हो जाएगा।"

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नए नियम में न्यूनतम नेटवर्थ 10 गुना हो जाएगा

कैटेगरी 1 मर्चेंट बैंकर के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए कम से कम 50 करोड़ रुपये का नेटवर्थ जरूरी होगा। अभी इसके लिए न्यूनतम नेटवर्थ 5 करोड़ रुपये है। इसका मतलब है कि नए नियमों के लागू होने के बाद न्यूनतम नेटवर्थ 10 गुना बढ़ जाएगा। कैटेगरी 2 मर्चेंट बैंकर के लिए 10 करोड़ रुपये का नेटवर्थ जरूरी होगा। उनके लिए पिछले तीन फाइनेंशियल ईयर में इनवेस्टमेंट बैंकिंग गतिविधियों से कम से कम 5 करोड़ रुपये का रेवेन्यू जरूरी होगा। अभी सेबी के नियमों में मर्चेंट बैंकर्स के लाइसेंस कैंसिल करने का प्रावधान नहीं है।

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