सेबी ने स्टॉक्स के रियल टाइम डेटा शेयरिंग के नए नियम जारी किए हैं। इसमें कहा गया है कि मार्केट इंटरमीडियरीज (ब्रोकरेज फर्में) सहित दूसरे एनटिटी को सिक्योरिटीज के रियल टाइम प्राइस डेटा शेयर करने की इजाजत नहीं होगी। माना जा रहा है कि इस नियम से स्टॉक मार्केट ट्रेनर्स को बड़ा झटका लगेगा। लीगल एक्सपर्ट्स के बीच अभी इस बात पर सहमति नहीं है कि सेबी के नए नियम से स्टॉक ट्रेनर्स को कितना नुकसान होगा। लेकिन इस बात को लेकर उनमें सहमति है कि यह नियम उनके हित में नहीं है।
SEBI का नया नियम क्या है?
SEBI के इस नियम के दायरे में मार्केट इंफ्रास्ट्रक्टर इंस्टीट्यूशंस (MIIs) और मार्केट इंटरमीडियरीज आएंगे। मार्केट इंटरमीडियरीज का मतलब ब्रोकरेज फर्मों (Brokerage Firms) से है। उन्हें थर्ड पार्टी के साथ सिक्योरिटीज के रियल टाइम प्राइस डेटा शेयर करने की इजाजत नहीं होगी। सिर्फ स्टॉक मार्केट के सही तरह से कामकाज के लिए जहां जरूरी होगा वहां डेटा शेयरिंग की इजाजत होगी। इसके अलावा रेगुलेटरी जरूरत के लिए डेटा शेयरिंग की इजाजत होगी।
खास मकसद के लिए डेटा शेयरिंग की इजाजत
सेबी ने इनवेस्टर एजुकेशन और अवेयरनेस के लिए भी डेटा शेयरिंग की इजाजत दी है। लेकिन, इसके लिए एक दिन पुराने डेटा का इस्तेमाल होगा। रियल टाइम प्राइस डेटा उपलब्ध नहीं होने का सीधा असर स्टॉक मार्केट ट्रेनर वर्कशॉप पर पड़ेगा। साथ ही उन इंस्टीट्यूशंस पर पड़ेगा जो लाइव मार्केट पर आधारित प्रैक्टिस सेशन का वादा क्लाइंट्स से करते हैं। अगर ये एक दिन देर से सिक्योरिटीज के प्राइस डेटा का इस्तेमाल करते हैं तो उनके कोर्स में ग्राहकों की दिलचस्पी घट जाएगी।
मार्केट ट्रेनर्स पर कितना असर
मनीकंट्रोल ने इस बारे में कुछ लीगल एक्सपर्ट्स से बातचीत की। उनका मानना था कि MIIs और ब्रोकरेज फर्में एक दिन देर से इनवेस्टर एजुकेशन के लिए थर्ड पार्टी को लाइव मार्केट डेटा उपलब्ध करा सकेंगी। लेकिन, सब यह नहीं मानते कि सेबी के नए नियम से ट्रेनर्स की सेवाओं पर रोक लग जाएगी। ट्रेनर्स आम तौर पर अपने पर्सनल ट्रेडिंग अकाउंट्स का इस्तेमाल ऐसे प्रैक्टिस सेशंस के लिए करते हैं। वे अपनी ट्रेडिंग स्क्रीन को बड़ी स्क्रीन पर प्रोजेक्ट करते हैं। वे अपनी स्क्रीन यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर शेयर करते हैं और अपने स्टूडेंट्स को ट्रेड के बारे में समझाने की कोशिश करते हैं।
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कुछ लीगल एक्सपर्ट्स का कहना है कि सेबी के नए नियम से ऐसे सेशंस पर भी रोक लग जाएगी। लेकिन, कुछ एक्सपर्ट्स का कहना है कि नए नियम इस तरह के सेशन पर रोक नहीं लगाते हैं। कंपनी सेक्रेटरी आनंद कनकनी ने कहा कि नए नियम से लाइव मार्केट डेटा के इस्तेमाल वाले स्टॉक-ट्रेड ट्रेनिंग पर रोक लग जाएगी।