सेबी में रजिस्टर्ड इनवेस्टमेंट एडवाइजर्स (आईए) और रिसर्च एनालिस्ट्स (आरए) को एक नई समस्या से जूझना पड़ रहा है। उनके नाम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर जालसाज निवेशकों को चूना लगा रहे हैं। इससे जुड़ी शिकायतों का निपटारा करने में सेबी रजिस्टर्ड आईए और आरए को मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है। कानून के जानकारों ने मनीकंट्रोल को बताया कि ऐसे मामलों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। जब किसी निवेशक को इस धोखाधड़ी का पता चलता है तो वह सेबी के पास शिकायत करता है। इसके लिए सेबी के ऑनलाइन सिस्टम स्कोर का इस्तेमाल हो रहा है। निवेशक शिकायत में रजिस्टर्ड आईए या आरए का नाम और फ्रॉड की डिटेल देता है।
