28 मार्च को नई (अप्रैल) सीरीज के अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले पहले दिन, बेंचमार्क सूचकांकों में गिरावट आई। ऑटो और आईटी शेयरों में 2 अप्रैल से लागू हो रहे अमेरिकी रेसिप्रोकल टैरिफ को लेकर चिंता के कारण दबाव रहा। कारोबार बंद होने पर, 191.51 अंक या 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77,414.92 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 420.81 अंक गिरकर 77,185.62 पर आ गया। निफ्टी 72.60 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 23,519.35 पर बंद हुआ। शुक्रवार को कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच, बाजार फ्लैट नोट पर खुला।
एफएमसीजी, तेल और गैस को छोड़कर, अन्य सभी इंडेक्स लाल निशान में बंद हुए। आईटी, ऑटो, रियल्टी और मीडिया में 1-2 प्रतिशत की गिरावट आई। सेंसेक्स पर विप्रो, इंडसइंड बैंक, श्रीराम फाइनेंस, सिप्ला, एमएंडएम, एचसीएल टेक, मारुति, इंफोसिस, जोमैटो, पावर ग्रिड, अदाणी पोर्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और अल्ट्राटेक सीमेंट नुकसान में रहने वाले प्रमुख शेयर रहे। दूसरी ओर टाटा कंज्यूमर, कोटक महिंद्रा बैंक, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अपोलो हॉस्पिटल्स, ओएनजीसी, आईसीआईसीआई बैंक, टाटा मोटर्स, नेस्ले और भारती एयरटेल में बढ़त देखी गई। बीएसई मिडकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.35 प्रतिशत की गिरावट आई। सोमवार, 31 मार्च को ईद-उल-फितर (रमजान ईद) के कारण बाजार बंद रहेगा।
FY25 में 5 प्रतिशत उछले सेंसेक्स और निफ्टी
इसके साथ ही वित्त वर्ष 2024-25 का आखिरी कारोबारी दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। उतार-चढ़ाव से भरे इस वित्त वर्ष में सेंसेक्स कुल 3,763.57 अंक या 5.10 प्रतिशत उछला, जबकि निफ्टी 1,192.45 अंक या 5.34 प्रतिशत चढ़ा। इस पूरे सप्ताह की बात करें तो बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी 50 सूचकांकों में 0.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि देखी गई। वहीं पूरे मार्च महीने के दौरान दोनों इंडेक्सेज में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
एलकेपी सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि नई सीरीज के पहले दिन निफ्टी में उतार-चढ़ाव रहा, लेकिन बाद में यह कमजोरी के साथ बंद हुआ। निफ्टी ने 23,800 के पिछले स्विंग के आसपास उच्च स्तर बनाया। इंडेक्स कंसोलिडेट हो रहा है। आगे चलकर, 23,400 इमीडिएट सपोर्ट के रूप में काम कर सकता है। 23,400 से नीचे की गिरावट निफ्टी को 23,200 की ओर ले जा सकती है, जहां क्रूशियल सपोर्ट है। अगर निफ्टी 24,200 से ऊपर बना रहता है, तो इसमें और तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं अगर यह 23,400 से नीचे नहीं गिरता है, तो यह 23,600 और उससे ऊपर की ओर बढ़ सकता है।
कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान का कहना है कि भारतीय इक्विटी बाजारों का साप्ताहिक प्रदर्शन मिला-जुला रहा। निफ्टी 50 और सेंसेक्स 30 इंडेक्सेज ने मामूली साप्ताहिक बढ़त दर्ज की।बीएसई मिडकैप और बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन नहीं किया और सप्ताह की क्लोजिंग निगेटिव जोन में की। नए लागू हो रहे अमेरिकी टैरिफ के बीच वैश्विक बाजारों में अस्थिरता जारी रही। ऑटो स्टॉक दबाव में रहे क्योंकि अमेरिका ने कार आयात और कुछ ऑटो पार्ट्स पर 25% टैरिफ लगाने की योजना बनाई है। इस सप्ताह बीएसई ऑटो इंडेक्स में 2% से अधिक की गिरावट आई।
भारतीय बाजारों को लेकर विदेशी निवेशकों का सेंटिमेंट पॉजिटिव बना हुआ है। पिछले कई महीनों से लगातार बिकवाली के बाद, पिछले कुछ दिनों से FII नेट बायर बने हुए हैं। टैरिफ वॉर के वैश्विक स्तर पर बाजारों की दिशा पर हावी होने की संभावना है। इसके अलावा, आरबीआई की पॉलिसी और Q4FY25 में कंपनियों का वित्तीय प्रदर्शन आने वाले हफ्तों में नजर रखने लायक महत्वपूर्ण फैक्टर हैं।
Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।