Federal Reserve के बयान का इंडियन स्टॉक मार्केट्स पर पड़ेगा असर, शेयर बाजार में दिख सकती है बड़ी गिरावट

Federal Reserve ने 20 सितंबर को कहा कि इस साल के अंत में इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी हो सकती है। फेड के इस बयान से दो साल के बॉन्ड (Treasury) की यील्ड 5.18 फीसदी पहुंच गई, जो 17 साल का सबसे हाई लेवल है। 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड 4.39 फीसदी पहुंच गई, जो 16 साल का सबसे हाई लेवल है

अपडेटेड Sep 21, 2023 पर 12:35 PM
Story continues below Advertisement
विदेशी निवेशकों ने 20 सितंबर को इंडियन स्टॉक मार्केट्स में 3,110 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। इस महीने अब तक फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FIIs) इंडियन मार्केट में 5,213 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं।

अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व (Federal Reserve) ने इंटरेस्ट रेट्स नहीं बढ़ाए हैं। उसने इसे 5.25-5.5 फीसदी बनाए रखा है। उसने 20 सितंबर को इसका ऐलान किया। उसने कहा है कि इस साल के अंत में इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी हो सकती है। फेड के इस बयान से दो साल के बॉन्ड (US Treasury) की यील्ड 5.18 फीसदी पहुंच गई, जो 17 साल का सबसे हाई लेवल है। 10 साल के बेंचमार्क बॉन्ड की यील्ड 4.39 फीसदी पहुंच गई, जो 16 साल का सबसे हाई लेवल है। एनालिस्ट्स का कहना है कि इससे शॉर्ट टर्म में इंडियन स्टॉक मार्केट्स में शेयरों की कीमतों में ज्यादा तेजी नहीं आएगी।

20 सितंबर को बाजार में बड़ी गिरावट

फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले 20 सितंबर में भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट आई। BSE का 30 शेयरों वाला Sensex 796 प्वाइंट्स यानी 1.1 फीसदी गिरकर 66,800 पर बंद हुआ। NSE का 50 स्टॉक्स वाला निफ्टी50 भी 232 अंक यानी 1.15 फीसदी गिरकर 19,901 पर क्लोज हुआ।


यह भी पढ़ें : Hot Stocks Today : कोल इंडिया, PNB और Honeywell Automation के स्टॉक्स में शॉर्ट टर्म में मिल सकता है मुनाफा

अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में उछाल इंडिया के अच्छा नहीं

Geojit Financial Services के चीफ इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, "अगर अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड हाई लेवल पर बनी रहती हैं तो शॉर्ट टर्म में फॉरेन इनवेस्टर्स इंडिया से पैसे निकाल सकते हैं। विदेशी निवेशक इमर्जिंग मार्केट के मुकाबले अमेरिकी बॉन्ड्स में ज्यादा रिटर्न कमाएंगे। इमर्जिंग मार्केट्स में उन्हें करेंसी रिस्क का भी सामना करना पड़ता है।"

विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी

विदेशी निवेशकों ने 20 सितंबर को इंडियन स्टॉक मार्केट्स में 3,110 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे। इस महीने अब तक फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (FIIs) इंडियन मार्केट में 5,213 करोड़ रुपये की बिकवाली कर चुके हैं। वेंचुरा सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड विनीत बोलिंजकर ने भी इंडियन स्टॉक मार्केट्स में मौजूदा लेवल से और गिरावट आने का अनुमान जताया।

21 सितंबर को भी बाजार पर दिखा दबाव

उन्होंने कहा, "इंडियन स्टॉक मार्केट्स पर विदेशी मार्केट्स के संकेतों का असर पड़ेगा। ऑयल प्राइसेज हाई लेवल पर पहुंच जाने से हमें उम्मीद है कि मार्केट में और कंसॉलिडेशन आएगा।" 22 सितंबर को भी इंडियन मार्केट में गिरावट देखने को मिली। सुबह 10:54 बजे सेंसेक्स 535 अंक गिरकर 66,265 अंक पर था। Nifty 146 प्वाइंट्स की कमजोरी के साथ 19,755 पर था।

नवंबर में अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में एक-चौथाई फीसदी वृद्धि के आसार

20 सितंबर के फेडरल रिजर्व के बयान से ऐसा लगता है कि इस साल फंड रेट 5.6 फीसदी के पीक पर पहुंच जाएगा। नवंबर में FOMC की बैठक में एक चौथाई फीसदी की वृद्धि इंटरेस्ट रेट में हो सकती है। हालांकि, ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के एनालिस्ट्स का कहना है कि फेडरल रिजर्व ने इंटरेस्ट रेट काफी बढ़ा दिया है। इसलिए नवंबर में इसमें वृद्धि की सिर्फ 30 फीसदी आसार दिख रहे हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।