लगातार दो दिन सेंसेक्स और निफ्टी में तूफानी तेजी, क्या भारतीय बाजारों के अच्छे दिन लौट आए हैं?

ब्रोकरेज फर्म एमके रिसर्च ने मार्च 2027 के निफ्टी के अपने 29,000 के टारगेट को बनाए रखा है। उसने कहा है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आई है। लिक्विडिटी बढ़ रही है। कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ अच्छी है। इससे बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है

अपडेटेड Jun 16, 2026 पर 4:02 PM
16 जून को निफ्टी 0.57 फीसदी यानी 135 अंक चढ़कर 23,989 पर बंद हुआ।

भारतीय शेयर बाजारों में बीते दो दिन में तूफानी तेजी देखने को मिली है। अमेरिका-ईरान के बीच डील की खबर से 15 जून को बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में पंख लग गए। 16 जून को भी तेजी का सिलसिला जारी रहा। निफ्टी 0.57 फीसदी यानी 135 अंक चढ़कर 23,989 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 0.71 फीसदी यानी 544 अंक के उछाल के साथ 76,808 पर क्लोज हुआ। सवाल है कि क्या अब भारतीय बाजार के अच्छे दिन लौट आए हैं?

एमके ने निफ्टी के 29000 के टारगेट को बनाए रखा

ब्रोकरेज फर्म एमके रिसर्च ने मार्च 2027 के निफ्टी के अपने 29,000 के टारगेट को बनाए रखा है। उसने कहा है कि क्रूड ऑयल की कीमतों में नरमी आई है। लिक्विडिटी बढ़ रही है। कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ अच्छी है। इससे बाजार में तेजी का रुख जारी रह सकता है। हालांकि, जेफरीज का कहना है कि दूसरे उभरते बाजारों के मुकाबले अब भी भारतीय बाजार महंगे हैं। इससे विदेशी फंडों के फिलहाल भारतीय बाजार में लौटने को लेकर संदेह है।

75-80 डॉलर प्रति बैरल पर आ जाएगा क्रूड का भाव


एमके ने कहा है कि अमेरिका-ईरान के बीच डील से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुल जाएगा। इससे क्रूड ऑयल की कीमतें अभी से गिरने लगी हैं। क्रूड में नरमी भारत के इकोनॉमिक आउटलुक के लिए पॉजिटिव है। ब्रोकरेज फर्म ने क्रूड के 75-80 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहने का अनुमान जताया है। यह अप्रैल-मई के 103 डॉलर प्रति बैरल के औसत भाव से काफी कम है। इससे न सिर्फ भारत में करेंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव घटेगा बल्कि महंगाई बढ़ने का खतरा भी कम होगा।

निफ्टी की वैल्यूएशंस में आई है कमी 

एमके ने FY27 की अर्निंग्स ग्रोथ के अपने अनुमान को 15.7 फीसदी पर बनाए रखा है। उसका मानना है कि पिछले 3-4 महीनो में बाजार में आई गिरावट से शेयरों की कीमतें सही लेवल पर आ गई हैं। अभी निफ्टी में एक साल की फॉरवर्ड अर्निंग्स के करीब 17.8 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह पांच साल के 19.6 गुना के लॉन्ग टर्म एवरेज से कम है। हाल में क्रूड में आई तेजी के बावजूद अर्निंग्स अच्छी बनी हुई है।

क्रूड में नरमी का फायदा इन कंपनियों को मिलेगा

क्रूड ऑयल में नरमी का फायदा ऑयल मार्केटिंग कंपनियों, ट्रांसपोर्टेशन फर्मों, सीमेंट कंपनियों और कुछ बैंकों को मिलेगा। इससे इकोनॉमी पर भी पॉजिटिव असर पड़ेगा। एमके ने डिस्क्रेशनरी कंजम्प्शन, रियल एस्टेट और इंडिस्ट्रियल्स को अपनी पसंद बताया है। एचपीसीएल, लार्सन एंड टूब्रो, श्रीराम फाइनेंस, इंडिगो और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स का प्रदर्शन बेहतर रह सकता है।

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16 जून को इन शेयरों में दिखी सबसे ज्यादा तेजी

16 जून को एचसीएल टेक में 3.5 फीसदी, एलटीआई माइंडट्री 2.79 फीसदी, टीसीएस 2.7 फीसदी, एवेन्यू सुपरमार्ट्स 2.5 फीसदी, डीएलएफ 2.42 फीसदी, यूनाइटेड स्पिरिट्स 2.16 फीसदी और एनटीपीसी में 2.14 फीसदी तेजी दिखी। गिरने वाले शेयरों में हिंडाल्को इंडस्ट्रीज, ह्युंडई मोटर, सोलार इंडस्ट्रीज, जेएसडब्ल्यू स्टील और और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस शामिल रहे। इनमें इनमें 1 से 3 फीसदी तक की कमजोरी दिखी।

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