सेंसेक्स-निफ्टी अगले 5 साल में हो जाएंगे डबल, भारत दुनिया के सबसे बेहतर बाजारों में एक: रामदेव अग्रवाल

रामदेव अग्रवाल ने कहा कि रिटेल और विदेशी निवेशक दोनों ही बाजार की मौजूदा तेजी में भागीदारी कर रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अब तक जो कुछ भी बेचा है उसे फिर से खरीदना चाहते हैं। भारत इस समय दुनिया के सबसे तेजी से ग्रोथ करते बाजारों और इकोनॉमी में से एक है। ऐसे में भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है

अपडेटेड Jul 25, 2023 पर 1:39 PM
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रामदेव अग्रवाल ने कहा कि रिटेल और विदेशी निवेशक दोनों ही बाजार की मौजूदा तेजी में भागीदारी कर रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अब तक जो कुछ भी बेचा है उसे फिर से खरीदना चाहते हैं
     
     
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    हमें अगले पांच सालों में निफ्टी और सेंसेक्स दोगुना होते दिखेंगे। निवेशकों को अभी भी सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि बाजार में मौजूदा स्तरों से फिर री- रेटिंग देखने को मिल सकती है। रिटेल और विदेशी दोनों ही निवेशक बाजार की मौजूदा तेजी में योगदान दे रहे हैं। सेंसेक्स पिछले कुछ दिनों से रिकॉर्ड ऊंचाई पर है और जुलाई की शुरुआत में 67000 के स्तर पर पहुंच गया। जबकि निफ्टी पहली बार 20000 के करीब पहुंचता दिखा है। बाजार को मानसून की बेहतर प्रगति, भारतीय उद्योग जगत के मजबूत नतीजों और मिलेजुले ग्लोबल संकेतों के बावजूद बढ़ते विदेशी निवेश से सपोर्ट मिल रहा है। ये बातें मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के रामदेव अग्रवाल ने सीएनबीसी टीवी18 से एक साक्षात्कार के दौरान कही हैं।

    अगले पांच सालों में निफ्टी और सेंसेक्स में देखेगी जोरदार तेजी

    इस बातचीत में उन्होंने कहा, "अगले पांच सालों में हमें निफ्टी और सेंसेक्स में जोरदार तेजी देखने को मिलेगी...मैं कहूंगा कि यहां से ये दोगुना हो सकते हैं।" "आपको सतर्क रहना होगा क्योंकि आप किसी भी कीमत पर कुछ भी नहीं खरीद सकते हैं। आप वास्तव में क्या खरीद रहे हैं इसके बारे में सावधान रहना होगा। कुछ भी खरीदनें के पहले अपने स्तर पर रिसर्च करें।"


    भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशक बढ़ा रहे निवेश

    अग्रवाल ने आगे कहा कि रिटेल और विदेशी निवेशक दोनों ही बाजार की मौजूदा तेजी में भागीदारी कर रहे हैं। विदेशी संस्थागत निवेशकों ने अब तक जो कुछ भी बेचा है उसे फिर से खरीदना चाहते हैं। वे फिर से भारतीय बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहते हैं। भारत इस समय दुनिया के सबसे तेजी से ग्रोथ करते बाजारों और इकोनॉमी में से एक है। ऐसे में भारतीय बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों की रुचि लगातार बढ़ रही है।

    पुराने तरीके से नए ज़माने की कंपनियों का वैल्यूएशन करना कठिन

    इसके अलावा, निवेशक ज़ोमैटो और पेटीएम जैसी नए ज़माने की कंपनियों के बेहतर वैल्यूएशन को लेकर उत्साहित हैं। लेकिन पुराने तरीके से नए ज़माने की कंपनियों का वैल्यूएशन करना कठिन है। हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर पर रामदेव अग्रवाल को लगता है कि उन कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना बहुत मुश्किल होगा।

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    एचडीएफसी बैंक के मर्जर के बारे में बात करते हुए रामदेव अग्रवाल ने कहा कि यह पिछले 45 वर्षों में सबसे सफल बैंक रहा है। बैंक के सीईओ ने ऑन रिकॉर्ड कहा है कि वे अगले चार वर्षों में एक और एचडीएफसी बैंक खड़ा कर देंगे। यह इसके मजबूत प्रदर्शन का प्रमाण है। उन्होंने आगे कहा कि एचडीएफसी बैंक एक आउटपरफॉर्मिंग स्टॉक है लेकिन इसका मतलब ये भी नहीं है कि कोई ऐसा दूसरा बैंक नहीं है जो आउटपरफॉर्म कर सकता है।

     

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