Share Market Rally: अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी खरीदारी का माहौल लौटा। इजरायल और ईरान के बीच तनाव हल्का होने की उम्मीद ने वैश्विक मार्केट को सपोर्ट किया और कच्चा तेल नरम पड़ा तो निवेशक चहक उठे। घरेलू मार्केट में भी इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 भी एक कारोबारी दिन पहले की भारी गिरावट से उबरते हुए आज शुरुआती कारोबार में ही करीब आधा फीसदी उछल पड़े। सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा तो निफ्टी भी 23250 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर भी आज अच्छा माहौल दिखा जिसमें स्मालकैप स्पेस में रौनक अधिक रही। निफ्टी मिडकैप 100 में आज 1% से अधिक तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में डेढ़ फीसदी से अधिक की बढ़त रही।
आज सेंसेक्स (Sensex) 394.50 प्वाइंट्स यानी 0.54% के उछाल के साथ 73,918.76 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 119.10 प्वाइंट्स यानी 0.52% की बढ़त के साथ 23,242.10 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 511.15 प्वाइंट्स चढ़कर 74,035.4 और निफ्टी 156.40 प्वाइंट्स उछलकर 23,279.40 तक पहुंच गया था।
Why Market Rally: इन वजहों से आई रौनक
ईरान और इजरायल ने सोमवार को कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की अपील पर उन्होंने एक-दूसरे पर हमले बंद कर दिए हैं। इसने मार्केट में रौनक बिखेर दी।
ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स फिसलकर प्रति बैरल $97 से टूटकर ₹93 के नीचे आ गया।
बैंकिंग शेयरों में खरीदारी
सेक्टरवाइज निफ्टी आईटी में आधे फीसदी की गिरावट रही और मार्केट पर दबाव बनाने की कोशिश की लेकिन निफ्टी पीएसयू बैंक आज 3.62% की बढ़त के साथ बंद हुआ तो प्राइवेट बैंक और रियल्टी के निफ्टी इंडेक्स में डेढ़-डेढ़ फीसदी से अधिक बढ़त रही। निफ्टी ऑटो भी 1% से अधिक मजबूत हुआ तो मेटल और एफएमसीजी के निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी से अधिक तेजी आई।
बैंकिंग स्टॉक्स को मिनिमम तीन साल के मेच्योरिटी वाले विदेशी कर्ज को लेकर कंसेशनल स्वैप फैसिलिटी को आरबीआई की मंजूरी से सपोर्ट मिला है। इससे हेजिंग कॉस्ट नरम हो सकता है और बैंकों के लिए विदेशी करेंसी में कर्ज जुटाना अधिक आकर्षक हो सकता है। मार्केट को रियल्टी और फार्मा सेक्टर से भी अच्छा सपोर्ट मिल रहा है जिनके निफ्टी इंडेक्स में करीब 1% या इससे अधिक की तेजी है।
मार्केट की घबराहट को मापने वाला इंडिया विक्स फिसलकर 16 के नीचे आया तो मार्केट को सपोर्ट मिला। आज यह 8.61% की गिरावट के साथ 15.56 पर बंद हुआ है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है इसका कम होना।
अधिकतर एशियाई बाजारों में रौनक से घरेलू मार्केट में भी सेंटिमेंट मजबूत हुआ। दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 7% से अधिक, इंडोनेशिया के जकार्ता कंपोजिट में करीब 5%, ताइवान के ताइवान वेटेड में करीब 3%, जापान के निक्केई 225 में 2% से अधिक और चीन के शंघाई कंपोजिट में आधे फीसदी से अधिक तेजी है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।