Share Market Crash: अधिकतर एशियाई बाजारों से कमजोर रुझानों के बीच घरेलू मार्केट में भी आज बिकवाली का दबाव दिखा। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 396 प्वाइंट्स टूट गया तो निफ्टी भी गिरकर 22650 के करीब आ गया। हालांकि ब्रोडर लेवल पर मार्केट में रौनक है और स्मॉलकैप स्पेस में अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 में करीब आधे फीसदी की बढ़त है तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 में 1% से अधिक। इस मिले-जुले माहौल में शुरुआती कारोबार में मार्केट खुलते ही बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप डेढ़ लाख करोड़ से अधिक बढ़ गया यानी कि निवेशकों की दौलत डेढ़ लाख करोड़ रुपये से बढ़ गई।
फिलहाल 09:34 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 177.97 प्वाइंट्स यानी 0.24% की गिरावट के साथ 73,428.78 और निफ्टी 50 (Nifty 50) 34.05 प्वाइंट्स यानी 0.15% की फिसलन के साथ 22,719.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 395.99 प्वाइंट्स टूटकर 73,210.76 और निफ्टी 100.00 प्वाइंट्स गिरकर 22,653.20 तक आ गया।
Share Market Crash: ये है वजह
जियो-पॉलिटिकल टेंशन के चलते कच्चा तेल अभी भी ऊंचे लेवल पर बना हुआ है, जिसकी आंच शेयर मार्केट में भी महसूस हो रही है। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फिलहाल प्रति बैरल $110 के पास है।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में उछाल से मार्केट पर दबाव बना है। फिलहाल यह 1.34% की तेजी के साथ 17.39 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
आईटी कंपनियों ने बनाया दबाव
सेक्टरवाइज आज मार्केट पर सबसे अधिक दबाव आईटी कंपनियों ने बनाया, जिसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक नीचे आया है। प्राइवेट बैंकिंग शेयरों के भी निफ्टी इंडेक्स में करीब आधे फीसदी की गिरावट है।
आज एनएसई के 6 इंडेक्सेज-निफ्टी 50, निफ्टी बैंक, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी एफपीआई 150, निफ्टी मिडकैप सेलेक्ट और निफ्टी नेक्स्ट 50 के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी है। साथ ही आज एनएसई पर 213 स्टॉक्स के F&O कॉन्ट्रैक्ट्स की एक्सपायरी है।
कोटक नियो के वाइस प्रेसिडेंट (टेक्निकल रिसर्च) अमोल अठावले के मुताबिक तकनीकी रूप से निफ्टी ने पिछले हफ्ते के वीकली चार्ट पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई, जिससे इसमें मौजूदा लेवल्स से आगे भी कमजोरी का संकेत मिला। उनका कहना है कि शॉर्ट-टर्म में मार्केट का आउटलुक कमजोर बना हुआ है लेकिन मौजूदा स्तरों से ट्रेंड में बदलाव यानी रिवर्सल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि निफ्टी/सेंसेक्स का 20-दिनों का एसएमए 22,700/73,700 तत्काल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर रहा है, जिसके पार होने पर यह 23,000–23,200/74,000–74,600 तक तेज पुलबैक रैली दिख सकता है। हालांकि अगर मार्केट इस 20-दिनों के एसएमए के नीचे आया तो मार्केट में सेंटिमेंट कमजोर बना रह सकता है। इसके नीचे आने पर मार्केट फिर 22,400–22,200/73,400–72,800 का लेवल फिर से टेस्ट कर सकता है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।