1987 के बाद जापान के Nikkei में सबसे बड़ी गिरावट, साउथ कोरिया में लोअर सर्किट, रोकनी पड़ी ट्रेडिंग

ऐसे समय में जब एशियन शेयर बाजार में जापान और साउथ कोरिया के बाजार में कोहराम मचा है। भारतीय शेयर बाजार में भी 2400 अंकों से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। अमेरिकी बाजार की गिरावट थम नहीं रही है। ऐसे में एशिया के दो ऐसे मार्केट हैं जहां के शेयर बाजार पर ग्लोबल तबाही का कोई असर नहीं हुआ है। जानिए किन दो बाजार को गिरावट ने नहीं किया परेशान

अपडेटेड Aug 05, 2024 पर 7:50 PM
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Share Market Crash: भारत की बात करें तो सेंसेक्स दोपहर डेढ़ बजे 2321.46 अंक गिरकर 78,639.53 पर ट्रेड कर रहा है

Share Market Crash: जापान के शेयर मार्केट की वजह से दुनिया भर के बाजारों में तबाही आ चुकी है। सोमवार 5 अगस्त को जापान ने ऐलान कर दिया कि उसका शेयर मार्केट बेयरिश फेज में दाखिल हो गया है। पिछले हफ्ते से लगातार जापान के मार्केट में गिरावट जारी है। सोमवार को जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 2227.15 अंक यानि करीब 12 फीसदी से ज्यादा गिर चुका है। पिछले महीने 11 जुलाई को निक्केई अपने ऑल टाइम हाई से 20 फीसदी से ज्यादा गिरा था। निक्केई में 1987 के बाद पहली बार ऐसा तबाही वाली गिरावट देखी गई है। 1987 के उस दिन को जापान के शेयर बाजार के इतिहास में ब्लैक डे कहा जाता है। 1987 को सिर्फ एक दिन निक्केई में 4451.28 अंकों की गिरावट आ चुकी थी। जो जापान निक्केई के इतिहास की सबसे बड़ी गिरावट है।

सोमवार को 12.4 फीसदी की गिरावट के साथ निक्केई 31,458.42 पर पहुंच गया है। इस गिरावट के साथ ही निक्केई ने इस साल की अपनी पूरी बढ़त गंवा दी है। इस साल अब तक के रिटर्न के हिसाब से देखें तो निक्केई लॉस में आ चुका है।

निक्केई में शामिल सभी बड़े शेयर धूल चाट रहे हैं। मित्सुबिसी, मित्सुई एंड कंपनी, सुमितोमो और मारुबेनी जैसी कंपनियों में 14 फीसदी से ज्यादा गिरावट आ चुकी है। जबकि मित्सुई का मार्केट कैप 20 फीसदी से ज्यादा डूब चुका है। जापान के निक्केई 225 पर सोमवार को भी शुक्रवार का डर हावी रहा और गिरावट जारी रही।


भारत की बात करें तो सेंसेक्स दोपहर डेढ़ बजे 2321.46 अंक गिरकर 78,639.53 पर ट्रेड कर रहा है। जबकि निफ्टी 711.35 अंकों की गिरावट के साथ 24,004.85 पर ट्रेड कर रहा है।

साउथ कोरिया के शेयर बाजार में मारकाट

जापान निक्केई के असर से साउथ कोरिया का इंडेक्स कोस्पी भी बेअसर नहीं रह पाया। कोस्पी 8.77 फीसदी गिरकर 2441.55 पर बंद हुआ जबकि स्मॉल कैप कोडैक 11.3 फीसदी गिरकर 691.28 पर बंद हुआ।

जबरदस्त गिरावट में एक्सचेंज ने सर्किट हिट कर दिया जिसकी वजह से थोड़ी देर के लिए कोस्पी का ट्रेड रोकना पड़ा। कोस्पी इंडेक्स लोकल टाइम के हिसाब से 2.14 PM और कोस्डैक इंडेकस 1.56PM पर 20 मिनट के लिए ट्रेडिंग रोक दी गई थी। दक्षिण कोरिया के शेयर मार्केट इंडेक्स का सर्किट 8 फीसदी पर है। जब भी बाजार एक बार में 8 फीसदी से ज्यादा गिरता है सर्किट की वजह से मार्केट की ट्रेडिंग रोक दी जाती है।

हालांकि ट्रेडर्स की नजरें फिलहाल चीन-ताइवान के ट्रेड डेटा पर टिका हुआ है। ये डेटा इसी हफ्ते आने वाले हैं। इसके अलावा ऑस्ट्रेलिया और भारत के सेंट्रल बैंक रेट कट पर अपना फैसला भी ले सकते हैं। ऑस्ट्रेलिया के सेंट्रल बैंक ने सोमवार को दो दिनों की मॉनेटरी पॉलिसी की बैठक शुरू कर दी है।

एशिया में यहां गिरा सबसे कम बाजार

आपको जानकर हैरानी होगी कि हॉन्गकॉन्ग और चीन के शेयर मार्केट पर जापान का असर नहीं पड़ा है। और इन बाजारों में सबसे कम गिरावट देखी गई है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.61 फीसदी और मेनलैंड चाइना का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स-300 सिर्फ 0.48 फीसदी टूटा है।

अमेरिकी बाजार का बजा बैंड

अमेरिका के बाजार में शुक्रवार को भी तबाही आई थी। एक तरफ येन के मजबूत होने और दूसरी तरफ अनुमान से कमजोर जॉब्स रिपोर्ट आने के कारण अमेरिकी शेयर बाजार का इंडेक्स नैस्डेक शुक्रवार 2 अगस्त को भरभरा कर गिरा था।

अमेरिकी में सबसे ज्यादा गिरावट नैस्डेक में आई। अपने रिकॉर्ड हाई से यह 10 फीसदी टूटकर बेयरिश जोन में शामिल हो चुका है। वहीं s&P अपने ऑल टाइम हाई से 5.7 फीसदी और डाउ 3.9 फीसदी गिर चुका है।

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