Share Market Crash: शेयर बाजार में इन 4 कारणों से हाहाकार, सेंसेक्स 1400 अंक टूटा, निवेशकों के ₹7 लाख करोड़ डूबे

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार 3 अक्टूबर को क्रैश हो गए। सेंसेक्स 1,400 अंकों से अधिक गिरकर 82,900 के नीचे आ गया। निफ्टी भी 400 अंकों से अधिक का गोता लगाकर 25,379 पर आ गया। इसके चलते एक झटके में निवेशकों के करीब 7 लाख करोड़ रुपये डूब गए। शेयर बाजार की इस गिरावट के पीछे 4 प्रमुख कारण रहे-

अपडेटेड Oct 03, 2024 पर 12:34 PM
Share Market Crash: शेयर बाजार में गिरावट के पीछे मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है

Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजार गुरुवार 3 अक्टूबर को क्रैश हो गए। सेंसेक्स 1,400 अंकों से अधिक गिरकर 82,900 के नीचे आ गया। निफ्टी भी 400 अंकों से अधिक का गोता लगाकर 25,379 पर आ गया। इसके चलते एक झटके में निवेशकों के करीब 7 लाख करोड़ रुपये डूब गए। मेटल को छोड़ निफ्टी के सभी सेक्टर्स के इंडेक्स लाल निशान में हैं। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव देखा गया।  शेयर बाजार की इस गिरावट के पीछे 4 प्रमुख कारण रहे-

1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

शेयर बाजार में गिरावट के पीछे मुख्य वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। इजरायल ने लेबनान में जमीनी कार्रवाई शुरू की है और हवाई हमले भी किए हैं। ईरान ने हिजबुल्लाह नेता हसन नसरल्लाह की मौत के बाद इजरायल पर बैलिस्टिक मिसाइल हमला करके जवाबी कार्रवाई की। इस संघर्ष के बड़े स्तर के युद्ध में बदलने की संभावना भी जताई जाने लगी है। ऐसे में निवेशक अब शेयर बाजार की जगह गोल्ड जैसे कम जोखिम वाले एसेट्स की ओर मुड़ रहे हैं। खासतौ से विदेशी निवेशक बाजार से पैसा निकाल रहे हैं।

फिडेंट एसेट मैनेजमेंट की फाउंडर और सीआईओ ऐश्वर्या दाधीच ने मनीकंट्रोल से कहा, "अगर मिडिल ईस्ट में कोई बड़ा जवाबी हमला होता है या तनाव बढ़ता है, तो इससे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ सकता है, जिसका असर भारत सहित दुनिया भर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है। लेकिन अभी के लिए, मुझे नहीं लगता कि तत्काल चिंता का कोई कारण है। यह गिरावट अस्थायी है।"


2. कमजोर ग्लोबल संकेत

भू-राजनीतिक तनावों के चलते दुनिया के अधिकतर शेयर बाजारों में गिरावट देखी गई। अमेरिका के सभी तीन प्रमुख इंडेक्सों बुधवार देर रात भर लगभग सपाट बंद हुआ। निवेशकों की नजर अब आज आने वाले अमेरिकी बेरोजगारी के आंकड़ों और 4 अक्टूबर को आने वाली गैर-कृषि पेरोल रिपोर्ट पर है।

इस बीच एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था। शंघाई का इंडेक्स राष्ट्रीय अवकाश के कारण 8 अक्टूबर तक बंद रहेंगे, और दक्षिण कोरिया का बाजार आज राष्ट्रीय स्थापना दिवस के कारण बंद था।

3. SEBI का सर्कुलर

सेबी ने सर्कुलर जारी करके जानकारी दी है कि फ्यूचर्स एंड ऑप्शन (F&O) को लेकर बनाए गए नए नियम 20 नवंबर को लागू होंगे। सेबी के सर्कुलर के हिसाब से 1 फरवरी से ऑप्शन बायर्स से अपफ्रंट प्रीमियम और इंट्रा-डे पोजिशन लिमिट की निगरानी होगी। इसके साथ ही सेबी ने डेरिवेटिव्स के लिए मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट 15 लाख रुपये तय किया है। मिनिमम ट्रेडिंग अमाउंट की बात करें तो उसे बढ़ाकर 15 लाख किया गया है।

4. ऊंचा वैल्यूएशन और घरेलू निवेशकों की कम भागीदारी

भारतीय शेयर बाजार पिछले काफी समय से ऊंचे वैल्यूएशन पर कारोबार कर रहे हैं। इतने लंबे समय तक रैली जारी रहने के चलते हर बड़ी खबर पर निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली देखने को मिल रही हैं। इसके अलावा गुरुवार को शुरुआती कारोबार में घरेलू निवेशकों की ओर से भी कम भागीदारी देखने को मिली। शेयर बाजार में अभी तक हर गिरावट पर घरेलू निवेशकों की ओर से बड़ी खरीदारी देखने को मिलती थी, जो बाजार को संभाल लेता था।

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