Share Market Crash: अमेरिका और ईरान की बढ़ती तल्खी में मार्केट की पूरी बढ़त गायब हो गई। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 शुरुआती बढ़त गंवाते हुए लाल हो गए। डे हाई से सेंसेक्स 484 प्वाइंट्स फिसल गया तो निफ्टी 24300 के पार जाने के बाद 24200 के नीचे आ गया। ब्रोडर लेवल पर भी बिकवाली का दबाव आया लेकिन अभी भी ये संभले हुए हैं। करीब आधे फीसदी की बढ़त गंवाते हुए निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में अब मामूली बढ़त है।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 12:01 PM पर सेंसेक्स (Sensex) 212.63 प्वाइंट्स यानी 0.27% की गिरावट के साथ 77,328.20 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 66.40 प्वाइंट्स यानी 0.27% की फिसलन के साथ 24,185.60 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 248.57 प्वाइंट्स उछलकर 77,789.40 तक पहुंचा था जिससे यह 483.84 प्वाइंट्स टूटकर 77,305.56 और निफ्टी भी 61.00 प्वाइंट्स चढ़कर 24,313.00 तक पहुंचा था जिससे यह 139.25 प्वाइंट्स गिरकर 24,173.75 तक आ गया।
Share Market Crash: ये है वजह
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने उसके खिलाफ कथित आर्थिक युद्ध जारी रखा, तो वह होर्मुज जलडमरूमध्य समेत फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात पूरी तरह रोक सकता है। इसने स्टॉक मार्केट की चिंता बढ़ा दी।
सरकारी बैंकों में बिकवाली का दबाव
मार्केट को आज आईटी सेक्टर ने ऊपर ले जाने की कोशिश की और इसका निफ्टी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में 1% से अधिक ऊपर चढ़ गया लेकिन फिर ऊपरी स्तर पर मुनाफावसूली के दबाव में निफ्टी आईटी की बढ़त आधे फीसदी से भी कम रह गई। सरकारी बैंकों ने मार्केट पर दबाव बनाया और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से अधिक फिसल गया। इस दबाव को हैवीवेट प्राइवेट बैंकों के निफ्टी इंडेक्स की आधे फीसदी की गिरावट ने और बढ़ाया। इसके अलावा निफ्टी एफएमसीजी में भी आधे फीसदी से अधिक फिसलन है।
मार्केट में आज शुरुआती कारोबार में अच्छी रौनक दिखी। इसका कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया जिससे भाव नरम पड़े।
मार्केट की घबराहट को मापने वाला वोलैटिलिटी इंडेक्स शुरुआती कारोबार में टूटकर 11 के नीचे आ गया था लेकिन कारोबार आगे बढ़ने पर यह उछल पड़ा, जिससे मार्केट में बिकवाली का दबाव आया। फिलहाल यह 2.18% की बढ़त के साथ 11.44 पर है। शुरुआती कारोबार में यह 10.32 तक आ गया था। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।