Share Market Crash: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की सख्त मांग ने मार्केट में कोहराम मचा दिया और सेंसेक्स-निफ्टी संभल नहीं पाए। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 450 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी टूटकर 24450 के नीचे आ गया और दिन के आखिरी में ये आधे फीसदी से अधिक की गिरावट के साथ बंद हुए। ब्रोडर लेवल पर मिला-जुला रुझान रहा। निफ्टी मिडकैप 100 रेड जोन में बंद हुआ को निफ्टी स्मॉलकैप 100 ग्रीन जोन में। अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज सेंसेक्स (Sensex) 388.19 प्वाइंट्स यानी 0.49% की गिरावट के साथ 78,154.25 और निफ्टी 112.10 प्वाइंट्स यानी 0.46% की फिसलन के साथ 24,471.70 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स आज 494.18 प्वाइंट्स टूटकर 78,048.26 और निफ्टी 154.55 प्वाइंट्स गिरकर 24,429.25 तक आ गया था।
Share Market Crash: ये है वजह
ट्रंप की ईरान से कड़ी मांग
ईरान ने अमेरिका से युद्ध से हुए नुकसान का हर्जाना मांगा है। अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि पिछली बातचीत में इसका जिक्र ही नहीं हुआ था लेकिन अब अमेरिका भी ईरान से हर्जाना मांगेगा। ट्रुथ सोशल पर उन्होंने लिखा कि अमेरिका को अब तक हुए सभी नुकसान की भरपाई ईरान करे। ट्रंप की इस सख्त मांग ने मार्केट को कंपा दिया।
ट्रंप की सख्त मांग पर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही सामान्य होने की उम्मीद फीकी पड़ी तो कच्चा तेल उबल पड़ा। ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रू़ड उछलकर प्रति बैरल $89 के पार पहुंचा तो इसकी आंच स्टॉक मार्केट में भी महसूस हुई।
चूंकि आज निफ्टी के डेरिवेटिव कॉन्ट्रैक्ट्स की वीकली एक्सपायरी थी तो इसका मार्केट पर असर दिखा।
सेक्टरवाइज एफएमसीजी, मेटल, बैंकिंग और ऑटो शेयरों ने मार्केट पर तगड़ा दबाव बनाया। एफएमसीजी, मेटल और रियल्टी सेक्टर के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक कमजोर हुए तो निफ्टी प्राइवेट बैंक और निफ्टी ऑटो आधे-आधे फीसदी से अधिक टूट गए।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।