Share Market Crash: शेयर बाजार इन 5 कारणों से धड़ाम; सेंसेक्स 960 अंक टूटा, निफ्टी भी 25,200 के नीचे
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में आज 27 फरवरी को तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 950 अंकों से भी अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी लुढ़ककर 25,200 के भी नीचे पहुंच गया। कमजोर ग्लोबल संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव रहा
Share Market Fall: भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 90.95 पर आ गया
Share Market Crash: भारतीय शेयर बाजारों में आज 27 फरवरी को तेज गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 950 अंकों से भी अधिक टूट गया। वहीं निफ्टी लुढ़ककर 25,200 के भी नीचे पहुंच गया। कमजोर ग्लोबल संकेतों और विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव रहा। IT को छोड़कर, बाकी सभी 15 बड़े सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार कर रहे थे। निफ्टी स्मॉलकैप100 और निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स 1 प्रतिशत तक लुढ़क गए थे।
कारोबार के अंत में, सेंसेक्स 961.42 अंक या 1.17 प्रतिशत गिरकर 81,287.19 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 317.90 अंक या 1.25 प्रतिशत गिरकर 25,178.65 के स्तर पर बंद हुआ।
शेयर बाजार में आज की गिरावट के पीछे 5 बड़े कारण रहे-
1. ग्लोबल बाजारों से कमजोर संकेत
भारतीय शेयर बाजारों को आज ग्लोबल मार्केट्स से कोई सपोर्ट नहीं मिला। एशिया में साउथ कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स सुबह गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे। अमेरिका में भी गुरुवार को अधिकत प्रमुख इंडेक्स लाल निशान में रहे। S&P 500 और यूरोपीय शेयर मार्केट भी लाल निशान पर बंद हुए।
हालांकि एनविडिया के नतीजे उम्मीद से बेहतर आए और इसने पहले तिमाही के लिए 78 अरब डॉलर का मजबूत रेवेन्यू गाइडेंस दिया है। लेकिन इसके बावजूद कंपनी के शेयर 5.5% गिरे, जिससे सेमीकंडक्टर स्टॉक्स और पूरे मार्केट सेंटीमेंट पर असर पड़ा।
2. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने एक दिन पहले गुरुवार को करीब 3,466 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले बुधवार को भी उन्होंने शुद्ध रूप से बिकवाली की थी। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार पर दबाव पड़ता है। बाजार से पूंजी बाहर जाती है और सेंटीमेंट कमजोर होता है।
3. इंडिया VIX बढ़ा
शेयर बादार के निवेशकों में मौजूद घबराहट का संकेत देने वाला, इंडिया वोलेटैलिटी इंडेक्स (India VIX) शुक्रवार को लगभग 3 प्रतिशत बढ़कर 13.44 पर पहुंच गया। इस इंडेक्स के बढ़ने का मतलब है कि बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, और निवेशक अक्सर सतर्क होकर ही कारोबार करते हैं।
SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड, सुदीप शाह ने रॉयटर्स को बताया, "बाजार में सतर्क माहौल है और मंदड़ियों (बेयर्स) का दबाव लगातार बना हुआ है। लंबे समय तक बाजार का एक ही स्तर पर रहना, किसी भी दिशा में मोमेंटम की कमी को दिखाता है। साथ ही यह बाजार में जारी कंसॉलिडेशन फेज को और मजबूत करता है।”
4. भू‑राजनीतिक चिंताएं
अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई, जिससे मिडिल ईस्ट में संघर्ष बढ़ने की चिंता बढ़ गई है।
एनरिच मनी के सीईओ पॉन्मुदी आर ने पीटीआई को बताया, "अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। इससे अमेरिका के हमले की संभावना और मिडिल ईस्ट में संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।" उन्होंने कहा, "अमेरिका की अगली कार्रवाई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता और बाजार में किसी नए पॉजिटिव ट्रिगर की कमी के बीच, निवेशक सतर्क बने हुए हैं।"
5. रुपये में कमजोरी
भारतीय रुपया शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 4 पैसे गिरकर 90.95 पर आ गया। इसका कारण विदेशी निवेशकों (FII) का पैसा बाहर निकालना और घरेलू शेयर बाजार की कमजोरी रही। हालांकि, डॉलर में नरमी और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के चलते रुपया ज्यादा नहीं गिरा। इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपया डॉलर के मुकाबले 90.91 पर खुला और बाद में 90.95 पर आ गया, जो पिछले बंद होने की तुलना में 4 पैसे कम है।
चार्ट्स से क्या मिल रहे संकेत?
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटेजिस्ट, आनंद जेम्स ने कहा कि शेयर बाजार में ऊंचे स्तरों पर बार-बार रुकावट होना थोड़ा निराशाजनक है। हालांकि, निचला स्तर अभी तक मजबूत बना हुआ है, जो यह संकेत देता है कि एक ट्राएंगल पैटर्न बन सकता है।
उन्होंने आगे कहा, "अगर बाजार 25,670 के ऊपर टूटता है, तो यह मजबूती का संकेत देगा और अगले लक्ष्य के रूप में 25,900 देखा जा सकता है। 25,530 के आसपास बाजार में उतार-चढ़ाव की उम्मीद है। अगर बाजार 25,300 से नीचे गिरता है, तो स्थिति बदल सकती है और निवेशक को अपनी रणनीति बदलनी पड़ सकती है।"
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