Share Market Rally: DII (डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स) की लगातार नवें दिन खरीदारी और कच्चे तेल की नरमी ने आज मार्केट को संभाल लिया। घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स और निफ्टी 50 उछल पड़े। शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 249 प्वाइंट्स उछल पड़ा तो निफ्टी भी 24300 के पार पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी में भी मार्केट संभल गए। ब्रोडर लेवल पर भी आज मार्केट में अच्छी रौनक दिख रही है और स्मॉलकैप स्पेस में कुछ अधिक। निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में फिलहाल करीब आधे फीसदी की बढ़त है।
अब इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 10:11 AM पर सेंसेक्स (Sensex) 84.49 प्वाइंट्स यानी 0.11% की बढ़त के साथ 77,625.32 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 20.95 प्वाइंट्स यानी 0.09% की तेजी के साथ 24,272.95 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 248.57 प्वाइंट्स उछलकर 77,789.40 और निफ्टी भी 61.00 प्वाइंट्स चढ़कर 24,313.00 तक पहुंच गया था।
Share Market Rally: ये है वजह
ईरान ने अमेरिका को धमकी दी है कि अगर आर्थिक किलेबंदी जारी रहती है तो होर्मुज से कच्चे तेल की एक भी बूंद निकलने नहीं देंगे। इसने पश्चिमी एशिया में तनाव बढ़ा दिया। हालांकि इसके बावजूद कच्चा तेल नरम पड़ा और टूटकर प्रति बैरल $91 के नीचे आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला।
मार्केट को आईटी सेक्टर ने बखूबी संभाला। वैश्विक मार्केट में एआई स्टॉक्स की बिकवाली ने घरेलू मार्केट में आईटी शेयरों की चमक बढ़ाई है। फिलहाल निफ्टी आईटी में 1% से अधिक तेजी है। हैवीवेट प्राइवेट बैंकों ने भी मार्केट को सपोर्ट दिया है और इसका निफ्टी इंडेक्स करीब आधा फीसदी मजबूत हुआ है।
एफआईआई (FII) यानी विदेशी निवेशकों की लगातार दूसरे कारोबारी दिन की बिकवाली को डीआईआई की लगातार नवें दिन खरीदारी ने संभाल लिया। शुक्रवार 21 अगस्त को एफआईआई ने ₹542.71 करोड़ के शेयरों की नेट बिक्री की तो डीआईआई ने ₹2,124.14 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की। दो दिनों में एफआईआई ने ₹1,126.07 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की तो डीआईआई ने लगातार नौ कारोबारी दिनों में ₹27,892.26 करोड़ के शेयरों की नेट खरीदारी की।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में नरमी से मार्केट को सपोर्ट मिला है। फिलहाल यह 3.48% की गिरावट के साथ 10.81 पर है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।