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शेयर मार्केट की तेजी पर लगेगा ग्रहण! जिम रोजर्स ने कहा, कैश बचाकर रखिए क्योंकि आने वाली है बड़ी मंदी

शेयर बाजार में पिछले 13 ट्रेडिंग सेशन से तेजी बरकरार है। और आज सेंसेक्स ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। इसमें कोई शक नहीं है कि शेयर बाजार का ट्रेंड पीक पर है। लेकिन इस तेजी पर भरोसा नहीं किया जा सकता क्योंकि दिग्गज निवेशक जिम रोजर्स का कहना है कि जल्दी ही मंदी शेयर मार्केट में दस्तक दे सकती है

Pratima Sharmaअपडेटेड Sep 02, 2024 पर 7:35 PM
शेयर मार्केट की तेजी पर लगेगा ग्रहण! जिम रोजर्स ने कहा, कैश बचाकर रखिए क्योंकि आने वाली है बड़ी मंदी
दिग्गज निवेशक जिम रोजर्स का कहना है कि जल्दी ही मंदी शेयर मार्केट में दस्तक दे सकती है

शेयर बाजार में पिछले 13 ट्रेडिंग सेशन से तेजी बरकरार है। और आज सेंसेक्स ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया है। इसमें कोई शक नहीं है कि शेयर बाजार का ट्रेंड पीक पर है। लेकिन क्या शेयर बाजार की इस तेजी पर भरोसा किया जा सकता है? अगर हम भारतीय शेयर बाजार की बात करें तो लगातार 13 दिनों की रैली के बाद बाजार को एक कंसॉलिडेशन की जरूरत है। फिलहाल शेयर बाजार का सेटअप ओवरबॉट है। अगस्त के आखिरी ट्रेडिंग सेशन यानि 30 अगस्त को FII ने 5318 करोड़ रुपए का निवेश किया था। जबकि DII ने 3198 करोड़ रुपए के शेयर बेचें। बाजार में विदेशी पैसा आना अच्छी बात है लेकिन हमें ये नहीं भूलना चाहिए कि FII का निवेश HOT Money है। ये आती भी बहुत तेजी से हैं और जाती भी बहुत तेजी से हैं। अभी इंडियन मार्केट में मोमेंटम नजर आ रहा है इसलिए FII पैसा लगा रहे हैं। लेकिन मोमेंटम जैसे ही कमजोर पड़ेगा FII उतने ही अग्रेसिव ढंग से बिकवाली करेंगे।

शेयर मार्केट में विदेशी पैसे ने बढ़ाई चिंता!

अगर हम फ्यूचर एंड ऑप्शंस के डेटा देखें तो वो भी थोड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। 30 अगस्त को इंडेक्स फ्यूचर्स में 2276 करोड़ रुपए और स्टॉक फ्यूचर्स में 4370 करोड़ रुपए की खरीदारी हुई है। अगर नई सीरीज के पहले दिन ही स्टॉक फ्यूचर्स में 4370 करोड़ रुपए की बाइंग हो तो वो मार्केट बहुत ही रिस्की होता है। ऐसे समय में जब मार्केट ओवरबॉट हो और ऐसे में कोई नेगेटिव न्यूज आ जाए तो मार्केट ज्यादा गिरेगा।

आपको शेयर बाजार की अंधाधुंध तेजी में इसलिए भी अलर्ट रहने की जरूरत है क्योंकि जाने-माने निवेशक जिम रोजर्स का भी यही कहना है कि शेयर मार्केट में जल्दी ही मंदी की आहट नजर आ सकती है। रोजर्स ने वैसे तो ये बात खासतौर पर अमेरिकी मार्केट के लिए कही है। लेकिन ये तो तय है कि अमेरिकी मार्केट में अगर गिरावट आती है तो इंडियन शेयर मार्केट भी उससे बचकर तो नहीं रह सकता।

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