Share Market Recovery: दुनिया भर के अधिकतर बाजारों में गिरावट के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी शुरुआती कारोबार में बिकवाली का दबाव दिखा। इस दबाव में घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) धड़ाम हो गए। सेंसेक्स 500 प्वाइंट्स से अधिक टूट गया तो निफ्टी भी फिसलकर 23250 के नीचे तक आ गया। हालांकि विदेशी निवेशकों के लिए खास राहत और निचले स्तर पर खरीदारी से इसे रिकवर होने में मदद मिली। सेंसेक्स और निफ्टी ग्रीन जोन में आ गए। इंट्रा-डे के निचले स्तर से सेंसेक्स 700 प्वाइंट्स से अधिक रिकवर हुआ तो निफ्टी भी फिर 23450 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मि़डकैप और स्मॉलकैप स्पेस में रौनक लौटी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे फीसदी के करीब उछल पड़े।
आज सेंसेक्स (Sensex) 13.84 प्वाइंट्स यानी 0.02% के मामूली बढ़त के साथ 74,360.01 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 10.95 प्वाइंट्स यानी 0.05% की मामूली तेजी के साथ 23,416.55 पर बंद हुआ है। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स आज 538.87 प्वाइंट्स टूटकर 73,807.30 तक आ गया था जिससे 736.94 प्वाइंट्स रिकवर होकर यह 74,544.24 तक चढ़ गया तो निफ्टी भी 158.30 प्वाइंट्स फिसलकर 23,247.30 तक आ गया था जिससे यह 218.00 प्वाइंट्स चढ़कर 23,465.30 तक पहुंच गया।
Why Market Recovers: ये है वजह
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में विदेशी निवेशकों (FPIs) के लिए टैक्स नियमों को आसान बनाने वाले एक खास अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है। इसका उद्देश्य विदेशी निवेशकों को कुछ खास कैटेगरीज की सिक्योरिटीज में टैक्स राहत देना है।
अमेरिका-ईरान के बीच जल्द सुलह की उम्मीद
व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत 'बहुत अच्छी' चल रही है। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा, 'यह हो भी सकता है और नहीं भी, कौन जानता है? लेकिन अगर डील हुई, तो यह इसी वीकेंड पर हो सकती है। जब आप ईरान से निपट रहे होते हैं, तो कुछ भी हो सकता है'। ऐसे में मार्केट को सपोर्ट मिल रहा है लेकिन अनिश्चितता के चलते मुनाफावसूली का दबाव भी दिख रहा है।
निचले स्तर पर खरीदारी ने मार्केट को संभालने में काफी मदद की।
मार्केट की घबराहट को मापने वाला इंडिया विक्स नीचे आया तो मार्केट को सपोर्ट मिला। आज यह 2.41% की गिरावट के साथ 15.89 पर बंद हुआ है। इसके अधिक होने का मतलब मार्केट में वोलैटिलिटी का बढ़ना और नीचे आने का मतलब होता है इसका कम होना।
कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू बैंकिंग शेयरों में तेजी
सेक्टरवाइज मेटल और आईटी सेक्टर ने मार्केट को नीचे खींचने की काफी कोशिश की लेकिन कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और पीएसयू बैंक ने मार्केट को ऊपर खींच लिया। निफ्टी मेटल में आज आधे फीसदी से अधिक तो निफ्टी आईटी में करीब फीसदी फीसदी की गिरावट आई। वहीं निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 2% से अधिक की तेजी आई तो निफ्टी पीएसयू बैंक में भी करीब आधे फीसदी की बढ़त रही। आरबीआई की मौद्रिक नीतियों के ऐलान के एक दिन पहले आज मार्केट में खरीदारी का रुझान दिखा।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।