Share Market Rise: दो दिन बाद शेयर बाजार में तेजी; इन 5 कारणों से लौटी रौनक

Share Market Rise: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव पर अच्छी खबर आने की उम्मीद से सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। भारत के अलावा अन्य एशियाई बाजार भी हरे निशान में हैं। निफ्टी IT इंडेक्स 2.5 प्रतिशत बढ़त में है

अपडेटेड May 29, 2026 पर 11:32 AM
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शेयर बाजार शुक्रवार, 29 मई को गुलजार हैं। दो दिन की गिरावट के बाद बाजार में तेजी लौटी है। सेंसेक्स दिन में पिछली क्लोजिंग से 352 अंक तक उछलकर 76,220.02 के हाई तक चला गया। इसी तरह निफ्टी 95 अंकों से ज्यादा तक चढ़कर 24,002.80 के हाई तक गया। बाजार को भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी की उम्मीद, कच्चे तेल में गिरावट, वैश्विक बाजारों की तेजी, रुपये की मजबूती जैसे फैक्टर्स से सहारा मिला।

गुरुवार, 28 मई को शेयर मार्केट बकरीद के मौके पर बंद थे। उससे पहले बुधवार को बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट देखी गई थी। सेंसेक्स 141.90 अंक या 0.19 प्रतिशत टूटकर 75,867.80 पर बंद हुआ था। निफ्टी 6.55 अंक या 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 23,907.15 पर रहा था। आइए डिटेल में जानते हैं शुक्रवार को आई तेजी के पीछे के मुख्य कारण...

अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद


मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव पर अच्छी खबर आने की उम्मीद से सेंटिमेंट पॉजिटिव हुआ है। ऐसी खबर है कि अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिनों के सीजफायर पर सहमति बनने की कगार पर है। समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मोहर लगना बाकी है। अगर समझौता हो गया तो महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट फिर से पहले की तरह फुली ऑपरेशनल हो सकता है, जिससे ऊर्जा बाजार को राहत मिल सकती है। तेल और गैस के बिना किसी रोकटोक ट्रांसपोर्टेशन से कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी थम सकती है और महंगाई बढ़ने की चिंता दूर हो सकती है।

​​​कच्चे तेल की कीमत में गिरावट

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स की कीमत लगभग 1 प्रतिशत गिरावट के साथ 91.8 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रही है। कच्चे तेल की कम कीमतें भारत के लिए फायदेमंद मानी जाती हैं, क्योंकि देश अपनी तेल की जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात करता है। कीमतों में गिरावट से आयात बिल कम करने में मदद मिलती है, व्यापार घाटा घटता है और रुपये पर दबाव कम होता है। इससे परिवहन, विमानन और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के लिए इनपुट लागत भी कम होती है। ईंधन की कम कीमतें महंगाई को काबू में रखने में भी मदद कर सकती हैं।

रुपये की मजबूती

रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 5 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.53 पर पहुंच गया। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम को 60 दिन और बढ़ाने पर सहमति बनने की खबर से रुपये को सपोर्ट मिला। रुपया बुधवार को 12 पैसे की बढ़त के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.58 पर बंद हुआ था। बकरीद के मौके पर गुरुवार को विदेशी मुद्रा बाजार बंद थे।

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वैश्विक बाजारों की चाल

भारत के अलावा अन्य एशियाई बाजार भी हरे निशान में हैं। निक्केई 225 में 2.4 प्रतिशत की बढ़त है। ताइवान वेटेड 2.6 प्रतिशत चढ़ा है। वहीं KOSPI में 2.8 प्रतिशत की तेजी है। हेंग सेंग और जकार्ता कंपोजिट 1 प्रतिशत उछले हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त में बंद हुए। यूरोपीय बाजारों में गिरावट है।

IT शेयरों में अच्छी खरीद

निफ्टी IT इंडेक्स 2.5 प्रतिशत बढ़त में है। इसमें शामिल 10 शेयरों में से केवल Oracle Financial Services Software में गिरावट है। इंफोसिस और LTM लगभग 4 प्रतिशत चढ़े हैं। कोफोर्ज में 3.5 प्रतिशत की तेजी है। MphasiS 2.6 प्रतिशत बढ़त में है। टेक महिंद्रा, विप्रो और एचसीएल टेक में 2 प्रतिशत की तेजी है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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