Share Market Crash Reason: कमजोर ग्लोबल संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार 12 अप्रैल को गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में चौतरफा बिकवाली दिखी। कारोबार के अंत में सेंसेक्स सेंसेक्स 793.25 अंक या 1.06 प्रतिशत टूटकर 74,244.90 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 234.40 अंक या 1.03 प्रतिशत लुढ़ककर 22,519.40 के स्तर पर बंद हुआ। इस गिरावट के चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप करीब 2.5 लाख करोड़ रुपये कम हो गया।
निफ्टी इंडेक्स में सबसे गिरावट सन फार्मा, मारुति सुजुकी, पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन, टाइटन कंपनी और ओएनजीसी के शेयरों में दिखी। वहीं डिविस लैब्स, टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, बजाज ऑटो, टाटा मोटर्स और टीसीएस के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। सभी सेक्टोरल इंडेक्स भी लाल निशान में बंद हुए। बैंक, फार्मा, FMCG, मीडिया, रियल्टी और ऑयल एंड गैस शेयरों के इंडेक्स में 1 फीसदी से अधिक की गिरावट रही।
आइए जानते हैं कि आज शेयर बाजार में किन कारणों से गिरावट आई-
1. ब्याज दरों में देरी से कटौती की उम्मीद
शेयर बाजार में पिछले कुछ महीनों से इस उम्मीद में तेजी आ रही थी कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर पीछे छूट गया है और अमेरिकी फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरों में कटौती का सिलसिला शुरू कर सकता है। हालांकि महंगाई आंकड़ों के अनुमान से अधिक रहने के चलते ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीद कमजोर हो गई है, जिससे सेंटीमेंट कमजोर हुआ है।
निवेशकों का फोकस इस समय कंपनियों के मार्च तिमाही के नतीजों पर है। शुक्रवार 12 अप्रैल को निवेशक कोई बड़ा दांव लगाने से पहले इन कंपनियों के नतीजे आने का इंतजार करते दिखे। शु्क्रवार को TCS के नतीजे आने वाले थे, जिसका असर पूरे आईटी सेक्टर पर देखने को मिल सकता है। TCS के बाद अगले कुछ दिनों में बजाज ऑटो और इंफोसिस जैसी कंपनियां अपने नतीजे जारी करने वाली है। ऐसे में एनालिस्ट्स का कहना है कि बाजार में आने वाले दिनों में स्टॉक-आधारित एक्शन देखने को मिल सकता है।
3. कमोडिटी की कीमतों में उछाल
बेस मेटल और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में हाल में तेजी आई है। लंदन मेटल एक्सचेंज पर एल्युमीनियम की कीमतें प्रति टन 2,400 डॉलर पर पहुंच गई हैं, जो मार्च के मध्य में 2,220 डॉलर प्रति टन के करीब थीं। वहीं तांबे की कीमत एक्सचेंज पर बढ़कर अब 9,200 डॉलर प्रति टन हो गया है, जो मार्च में 8,700 डॉलर प्रति टन के करीब था। क्रूड ऑयल का दाम भी बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है, जो मार्च की शुरुआत में 82 डॉलर प्रति बैरल था।
4. यूएस बॉन्ड यील्ड में उछाल और रुपये में कमजोरी
भारतीय रुपये में शुक्रवार को भी कमजोरी जारी और डॉलर अपने करीब 5 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।अ मेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया आज 0.3 फीसदी कमजोर होकर 83.4125 पर बंद हुआ। वहीं दूसरी ओर यूएस बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स, दोनों में मजबूती आई। यूएस बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारत जैसे उभरते देशों में आने वाला विदेशी निवेश कम हो सकता है।
कमजोर ग्लोबल संकेतों के कारण बाजार में एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई। शुरुआत से ही माहौल नकारात्मक था। जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, सभी सेक्टर के हैवीवेट शेयरों में बिकवाली दिखी, जिससे इंडेक्स नीचे चला गया। आखिरकार, निफ्टी इंडेक्स दिन के निचले स्तर 22,519.40 के स्तर पर बंद हुआ। मेहता इक्विटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) ने बताया, "तकनीकी तौर पर देखें, तो अब इंडेक्स के 22,800 के ऊपर पहुंचने के बाद ही बुल्स गैंग राहत ले पाएगा। इसके नीचे बियर गैंड की बाजार पर पकड़ रहेगी। निफ्टी को 22,339-22,101 के स्तर पर मजबूत सपोर्ट है।"