Share Markets: शेयर मार्केट आखिर कब तक गिरेगा? एक दिन की राहत के बाद आज 11 मार्च को शेयर बाजार ने फिर से गिरावट का रुख पकड़ लिया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स करीब 1,342 अंक गिरकर 76,863 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 395 अंक टूटकर 23,900 के नीचे चला गया। यानी बाजार में करीब 1.75 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली।
अगर मार्च महीने की बात करें तो तस्वीर और भी चिंताजनक दिखाई देती है। अब तक के 7 ट्रेडिंग सेशन्स में से 5 दिन बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ है। सेंसेक्स-निफ्टी करीब इस दौरान 7 प्रतिशत से भी अधिक टूटकर अपने 11-महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गए हैं। सवाल यही है कि शेयर बाजार में कब तक गिरावट जारी रहेगा। सेंसेक्स और निफ्टी के लिए यहां से अगला सपोर्ट लेवल कहां है?
सबसे पहले समझते हैं कि इस गिरावट की वजह क्या है? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि मिडिल ईस्ट में जारी जंग के अलावा मार्केट के सबसे बड़ी चिंता की बात, विदेशी निवेशकों यानी FII की लगातार बिकवाली है। जब विदेशी फंड भारतीय बाजार से पैसा निकालते हैं तो लार्जकैप और ब्लू-चिप शेयरों में दबाव आ जाता है। खासकर बैंकिंग और आईटी सेक्टर के दिग्गज शेयरों में बिकवाली ने बाजार को नीचे खींचा है। और यही वजह है कि सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर दबाव लगातार बना हुआ है।
हालांकि कुछ पॉजिटिव संकेत भी इस बीच सामने आए हैं। ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। ब्रेंट क्रूड का भाव जो पहले लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया था, अब गिरकर करीब 86 डॉलर के आसपास आ गया है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारत जैसे बड़े खरीदार देशों के लिए राहत की खबर होती है। इससे महंगाई का दबाव कम होता है और बाजार में जोखिम लेने की भावना भी थोड़ी बेहतर होती है। इसी वजह से एक दिन पहले मंगलवार को बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली थी।
एक और अहम संकेत है वोलैटिलिटी यानी उतार-चढ़ाव का कम होना। India VIX इंडेक्स, जिसे बाजार का फियर इंडेक्स भी कहा जाता है, वो पहले करीब 24 के स्तर पर था, जो अब गिरकर 19 से नीचे आ गया है। इसका मतलब यह है कि बाजार में घबराहट थोड़ी कम जरूर हुई है, लेकिन अभी भी पूरी तरह से भरोसा वापस नहीं आया है।
बाजार की चाल यहां से आगे कैसी रहेगी? इस पर मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि तकनीकी नजरिए से बाजार का स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर दिख रहा है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के एनालिस्ट रुचित जैन का कहना है कि बाजार में अभी भी “लोअर टॉप–लोअर बॉटम” का पैटर्न बना हुआ है, जो कमजोर ट्रेंड को दिखाता है। इसका मतलब यह है कि हर नई तेजी पिछले हाई से नीचे रुक रही है, और हर गिरावट पिछले लो से भी नीचे जा रही है। उन्होंने कहा कि मौजूदा तेजी को अभी ट्रेंड रिवर्सल के बजाय एक पुलबैक के रूप में देखना चाहिए।
रुचित जैन का मानना है कि अगर बाजार में हालिया रिकवरी को जारी रहना है, तो निफ्टी को 24,200 के ऊपर टिके रहना बेहद जरूरी है। अगर निफ्टी इस स्तर को मजबूती से होल्ड कर लेता है तो आगे 24,444 और फिर 24,600 तक की तेजी देखने को मिल सकती है। लेकिन अगर बाजार कमजोर होता है तो नीचे की तरफ पहला बड़ा सपोर्ट 24,000 पर दिखाई देता है। और अगर यह स्तर टूटता है तो अगला मजबूत सपोर्ट करीब 23,800 के आसपास माना जा रहा है।
जियोजित इनवेस्टमेंट्स के चीफ मार्केट स्ट्रैटजिस्ट्स, आनंद जेम्स का कहना है कि निफ्टी ने पिछले सेशंस में 24,300 से 24,370 के जोन को टेस्ट किया था। यह स्तर फिलहाल एक मेजर ब्रेकआउट जोन बन चुका है। अगर आने वाले दिनों में निफ्टी इस जोन के ऊपर टिक जाता है, तो फिर बाजार में 25,000 तक जाने की संभावना बन सकती है। लेकिन जब तक यह स्तर निर्णायक रूप से पार नहीं होता, तब तक बाजार में रेंज-बाउंड और अस्थिर ट्रेडिंग जारी रह सकती है। वहीं नीचे की ओर 23,750 का स्तर बाजार के लिए अगला सपोर्ट हो सकता है। फिलहाल बाजार में सावधानी के साथ निवेश करना ही बेहतर रणनीति मानी जा रही है।
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