Mahindra Finance 5% तक टूटा, अच्छी डिस्बर्समेंट ग्रोथ के बावजूद बिगड़ा सेंटिमेंट

Mahindra Finance ने कहा कि जुलाई-सितंबर 2023 तिमाही में डिस्बर्समेंट 13,300 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 12.6 प्रतिशत की वृद्धि है। अगर अप्रैल-सितंबर 2023 अवधि की बात करें तो कंपनी ने इन 6 माह में करीब 25500 करोड़ रुपये डिस्बर्स किए हैं, जो सालाना आधार पर 20 प्रतिशत ज्यादा हैं। दूसरी तिमाही में अच्छे डिस्बर्समेंट और प्री-फेस्टिवल डीलर एडवांस के चलते कंपनी का बिजनेस एसेट करीब 93,600 करोड़ रुपये हो गया

अपडेटेड Oct 04, 2023 पर 4:22 PM
BSE पर सुबह शेयर मामूली गिरावट के साथ 300 रुपये पर खुला।

महिन्द्रा एंड महिन्द्रा फाइनेंशियल सर्विसेज (Mahindra and Mahindra Financial Services) के शेयरों में 4 अक्टूबर को सुबह के कारोबार में लगभग 5 प्रतिशत की गिरावट आई। मौजूदा वित्त वर्ष (FY24) की दूसरी तिमाही जुलाई-सितंबर में डिस्बर्समेंट में अच्छी ग्रोथ हासिल करने के बावजूद शेयर की कीमत गिरी। बीएसई पर सुबह शेयर मामूली गिरावट के साथ 300 रुपये पर खुला। देखते ही देखते इसमें 5 प्रतिशत तक की गिरावट आ गई और यह 285.75 रुपये के लो पर आ गया। हालांकि बाद में शेयर संभला। एनएसई पर शेयर 300.70 रुपये पर खुला और दोपहर होते-होते लुढ़कता हुआ 285.60 रुपये पर आ गया।

कारोबार खत्म होने पर कंपनी का शेयर 4.37 प्रतिशत गिरकर बीएसई पर 287.90 और एनएसई पर 287.85 रुपये पर बंद हुआ। अपने Q2 बिजनेस अपडेट में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा फाइनेंशियल सर्विसेज ने कहा कि उसने सितंबर में 4,500 करोड़ रुपये डिस्बर्स किए हैं। यह आंकड़ा सालाना आधार पर 11 प्रतिशत ज्यादा है। 3 अक्टूबर को शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कंपनी ने कहा कि जुलाई-सितंबर 2023 तिमाही में डिस्बर्समेंट 13,300 करोड़ रुपये रहा, जो सालाना आधार पर 12.6 प्रतिशत की वृद्धि है। अगर अप्रैल-सितंबर 2023 अवधि की बात करें तो कंपनी ने इन 6 माह में करीब 25500 करोड़ रुपये डिस्बर्स किए हैं, जो सालाना आधार पर 20 प्रतिशत ज्यादा हैं।

बैलेंस शीट में अच्छी है लिक्विडिटी पोजिशन


दूसरी तिमाही में अच्छे डिस्बर्समेंट और प्री-फेस्टिवल डीलर एडवांस के चलते कंपनी का बिजनेस एसेट करीब 93,600 करोड़ रुपये हो गया, जो जनवरी-मार्च तिमाही से 13 प्रतिशत और अप्रैल-जून तिमाही से 8 प्रतिशत ज्यादा है। हालांकि सितंबर में कंपनी की कलेक्शन इफीशिएंसी सालाना आधार पर घटकर 97 प्रतिशत पर आ गई। सितंबर 2022 में यह 98 प्रतिशत और अगस्त 2023 में 96 प्रतिशत थी। कंपनी का कहना है कि महिन्द्रा एंड महिन्द्रा फाइनेंशियल सर्विसेज की बैलेंस शीट में लिक्विडिटी पोजिशन अच्छी है। कंपनी के पास इस वक्त 2.5 महीनों से ज्यादा का लिक्विडिटी चेस्ट है।

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एक्सपर्ट का क्या है अनुमान

ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने कहा है कि FY24-26 में 13-14 प्रतिशत ROE आउटलुक को देखते हुए रिस्क/रिवॉर्ड संतुलित लगता है। जेफरीज ने स्टॉक पर 'होल्ड' रेटिंग दी हुई है। मॉर्गन स्टेनली की 'इक्वलवेट' रेटिंग है, जिसका टार्गेट प्राइस 300 रुपये है। यह शेयर के मौजूदा स्तर से लगभग 3 प्रतिशत की संभावित बढ़त दर्शाता है। वहीं सिटी ने महिंद्रा फाइनेंस पर 355 रुपये के टार्गेट प्राइस के साथ 'बाई' रेटिंग दी है।सिटी को उम्मीद है कि कंपनी सालाना आधार पर 15 प्रतिशत से अधिक नेट इंटरेस्ट इनकम वृद्धि के साथ-साथ 18 प्रतिशत से अधिक की ऑपरेटिंग प्रॉफिट ग्रोथ दर्ज करेगी।

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