Israel-Hamas के बीच जितनी लंबी होगी जंग, इन कंपनियों के शेयरों में आ सकती है उतनी ही तेजी

Israel-Hamas War: पिछले 2 दिनों से केमिकल कंपनियों के शेयर (Chemical Stocks) तेजी से भाग रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इजराइल की लड़ाई जितनी लंबी चलेगी, केमिकल कंपनियों के शेयरों में भी उतनी ही तेजी आने की उम्मीद है। इसका मुख्य कारण एक केमिकल है, जिसका नाम ब्रोमीन (Bromine) है। पीरियाडिक टेबल में यह केमिकल 35वें नंबर पर आता है और इसका सिंबल Br होता है

अपडेटेड Oct 12, 2023 पर 12:28 PM
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Chemical stocks: दुनिया का करीब 30 प्रतिशत ब्रोमीन अकेले इजराइल सप्लाई करता है

Israel-Hamas War: शेयर बाजार एक अजीबोगरीब सिस्टम है। दुनिया में कोई भी आपदा हो, मार्केट उसमें अपने लिए कमाई का अवसर खोज ही लेता है। ताजा मामला है इजराइल और हमास के बीच छिड़ी लड़ाई का। पिछले 2 दिनों से केमिकल कंपनियों के शेयर (Chemical Stocks) तेजी से भाग रहे हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इजराइल की लड़ाई जितनी लंबी चलेगी, कुछ चुनिंदा केमिकल कंपनियों के शेयरों में उतनी ही तेजी आने की उम्मीद है। इसका मुख्य कारण एक केमिकल है, जिसका नाम ब्रोमीन (Bromine) है। पीरियाडिक टेबल में यह केमिकल 35वें नंबर पर आता है और इसका सिंबल Br होता है। इजराइल पर हमास के अचानक के हमले पूरी दुनिया में ब्रोमीन की कीमतें बढ़ गई हैं, जिसका फायदा केमिकल सेक्टर की कंपनियों को मिल रहा है।

ब्रोमीन क्यों है अहम?

ब्रोमीन केमिकल का जो नेगेटिव चार्ज रूप होता है, यानी BR-, इसे ब्रोमाइड कहते हैं। इस ब्रोमाइड का कई तरह के दवाओं के बनाने में खूब इस्तेमाल होता हैं। खासतौर से मिर्गी के दौरे या एंग्जाइटी से जुड़ी दवाओं को बनाने में। इजराइल इस ब्रोमाइड का उत्पादन करने वाला सबसे बड़ा देश है।

इजराइल में ही इसका सबसे अधिक उत्पादन क्यों होता है, इसके भी पीछे एक कारण है। दरअसल इजराइल, फिलिस्तीन के वेस्ट बैंक और जॉर्डन देश की सीमाओं के बीच एक बहुत बड़ी झील है, जिसे मृत सागर कहते हैं। यह खारे पानी की दुनिया की सबसे बड़ी झील है। दुनिया का करीब 50 से 55 प्रतिशत ब्रोमीन इसी मृत सागर में पाया जाता है। चूंकि यह सागर इजराइल के बार्डर पर है, इसलिए वहीं इसके अधिकतर हिस्से को कंट्रोल करता है।


JM फाइनेंशियल को कीमतों में तेजी की उम्मीद

ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने एक रिपोर्ट में कहा कि इजराइल में जंग के हालात पैदा से होने से ब्रोमीन के उत्पादन, उसकी बिक्री और विदेशों में एक्सपोर्ट्स को लेकर चिंताएं खड़ी हो गई हैं। दुनिया का करीब 30 प्रतिशत ब्रोमीन अकेले इजराइल सप्लाई करता है।

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जेएम फाइनेंशियल का कहना है कि जंग के चलते अगर ब्रोमीन के एक्सपोर्ट्स में कमी आई तो इसकी कीमत तेजी से बढ़ेंगी। फिलहाल ब्रोमीन का भाव 3.5 डॉलर यानी 290 रुपये प्रति किलो है। भारत में भी गुजरात के कच्छ में ब्रोमीन का उत्पादन होता है, लेकिन इजराइल के मुकाबले यह मात्रा काफी कम है।

इन केमिकल कंपोनेंट्स के दाम भी बढ़े

ब्रोकरेज फर्म ने कहा कि सिर्फ ब्रोमीन ही नहीं बल्कि कई और केमिकल कंपोनेंट्स की कीमतों में भी अक्टूबर में उछाल आया है। जैसे बेंजीन की कीमतें अक्टूबर में लगभग 20 प्रतिशत बढ़ गई हैं। वहीं टोल्यूनी (toluene) की कीमत भी लगभग 6 प्रतिशत बढ़ गई है। ये सभी कंपोंनेंट्स केमिकल कंपनियों के लिए कच्चे माल के तौर पर आते हैं।

इन शेयरों पर बुलिश है JM फाइनेंशियल

केमिकल सेक्टर के मौजूदा हालात को देखते हुए JM फाइनेंशियल इस समय SRF, दीपक नाइट्राइट और आर्कियन केमिकल के शेयरों पर सबसे अधिक बुलिश है। उसने SRF के शेयर को 2,230 रुपये, दीपक नाइट्राइट को 2,066 रुपये और आर्कियन केमिकल को 628 रुपये के टारगेट प्राइस के साथ खरीदने की सलाह दी है। इसके अलावा ब्रोकरेज फर्म ने UPL, पीयू इंडस्ट्रीज, क्लीन साइंस, नवीन फ्लोरीनऔर एथर इंडस्ट्रीज के शेयरों पर भी अपना बाय रेटिंग बनाए रखी है।

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