Short Call: क्रूड ऑयल की कीमतों पर AI का पड़ेगा बड़ा असर, जानिए Uno Minda और Suzlon Energy क्यों सुर्खियों में हैं

स्टॉक मार्केट में पिछले 18 महीनों में अच्छी तेजी आई है। इसमें रिटेल इनवेस्टर्स और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) का बड़ा हाथ रहा है। लेकिन, पिछले कुछ हफ्तों से क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट से भी बाजार को सपोर्ट मिला है। हालांकि, क्रूड की कीमतों में आई गिरावट की वजह इसकी ज्यादा सप्लाई है

अपडेटेड Sep 06, 2024 पर 9:45 AM
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सुजलॉन एनर्जी के शेयर 5 सितंबर को 2.8 फीसदी के उछाल के साथ 76.25 रुपये पर बंद हुए।
     
     
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    पिछले 18 महीनों में बाजार में जिस तरह की तेजी आई है, उसका श्रेय रिटेल इनवेस्टर्स और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) को जाता है। पिछले कुछ समय की बात करें तो क्रूड ऑयल की गिरती कीमतों ने बाजार को सपोर्ट दिया है। इस बार ऑयल की कीमतों में गिरावट की वजह कमजोर डिमांड नहीं है बल्कि ज्यादा सप्लाई है। नॉन-ओपेक ऑयल उत्पादक ज्यादा उत्पादन कर रहे हैं, जिससे बड़े उत्पादकों की बाजार हिस्सेदारी घटी है। साथ ही मार्केट में कम भाव पर क्रूड मिल रहा है। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगे क्रूड की कीमतों में तेजी देखने को मिल सकती है, क्योंकि एआई सेक्टर का विस्तार होगा, जिसके लिए ईंधन की जरूरत पड़ेगी।

    Google की पेरेंट कंपनी Alphabet ने हाल में 'कार्बन जीरो' का अपना दावा छोड़ दिया है, क्योंकि आर्टफिशियल इंटेलिजेंस पर इसके फोकस के चलते उत्सर्जन (Emissions) करीब 50 फीसदी बढ़ गया था। उधर, गोल्डमैन सैक्स ने ऑयल के एक्सपोर्ट पर अलग राय दी है। उसने कहा है कि AI का ऑयल की कीमतों पर असर पड़ेगा। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लॉजिस्टिक्स कैपेबिलिटीज बढ़ेगी। उससे ऑयल का उत्पादन भी बढ़ेगा। ज्यादा सप्लाई की वजह से ऑयल की कीमतें नीचे आएंगी।

    Uno Minda

    ऊनो मिंडा के शेयर 5 सितंबर को 3 फीसदी गिरकर 1,132 रुपये पर बंद हुए। दरअसल, कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने Uno Minda को डाउनग्रेड किया है। उसने इस शेयर को बेचने की सलाह दी है। बेयर्स का कहना है कि पैसेंजर व्हीकल्स सेगमेंट में सुस्ती की वजह से कंपनी की ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। नए प्रोडक्ट्स पेश करने और क्षमता बढ़ाने का असर मार्जिन पर पड़ेगा। KIE का कहना है कि इस स्टॉक में रिस्क-रिवॉर्ड फेवरेबल नहीं है, जिसकी वजह इसकी हाई वैल्यूएशन है। उधर, बुल्स की दलील है कि ग्रोथ में सुस्ती के बावजूद कंपनी की ग्रोथ इंडस्ट्री से ज्यादा रहेगी। कंपनी को अच्छे ऑर्डर्स मिलने की उम्मीद है, जिससे इसका मार्केट शेयर बढ़ेगा।


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    Suzlon Energy

    सुजलॉन एनर्जी के शेयर 5 सितंबर को 2.8 फीसदी के उछाल के साथ 76.25 रुपये पर बंद हुए। Suzlon Energy ने पुणे में अपनी प्रॉपर्टी बेच दी है और लीज पर दी है। इससे कंपनी को 4.4 अरब रुपये मिले हैं। बुल्स का कहना है कि कंपनी इस पैसे का इस्तेमाल प्रोजेक्ट पूरे करने की अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करेगी। कंपनी को FY25 और FY26 में 2GW का अतिरिक्त ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। सरकार का FY23-FY27 के दौरान सालाना 10GW की विंड कैपेसिटी का टेंडर देने का प्लान है। यह सुजलॉन के लिए बड़ा मौका है। कंपनी के पास कैश है। जून 2024 में इसके पास 13 अरब रुपये का कैश रिजर्व था। उधर, बेयर्स का कहना है कि विंड टर्बाइन जेनरेटर (WTG) एग्जिक्यूशन में समस्या आ सकती है। ऑर्डर इनफ्लो को लेकर भी रिस्क दिख रहा है। पिछले कुछ समय से स्टॉक में 75-80 रुपये के सीमित दायरे में ट्रेडिंग हो रही है, जिससे इसे लेकर ट्रेडर्स में अनिश्चितता का संकेत मिलता है।

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