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Short Call: ऑटो सहित कुछ सेक्टर में सुस्ती के संकेत, ACC, Ashok Leyland और अंबुजा सीमेंट्स में गिरावट की क्या है वजह?

लोकसभा चुनावों के पहले से ही एनडीए के तीसरी बार सत्ता में लौटने की उम्मीद में मार्केट में तेजी थी। लोकसभा चुनावों में बीजेपी को अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें नहीं मिलने पर बाजार में गिरावट आई। लेकिन, उसके बाद से यह लगातार चढ़ता रहा था। जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने से 2 अगस्त को इंडियन मार्केट बड़ी गिरावट के साथ खुले

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 02, 2024 पर 10:19 AM
Short Call: ऑटो सहित कुछ सेक्टर में सुस्ती के संकेत, ACC, Ashok Leyland और अंबुजा सीमेंट्स में गिरावट की क्या है वजह?
देशभर में ऑटो डीलर्स ने फुटफॉल नहीं बढ़ने के संकेत दिए हैं। SUV पर डिस्काउंट 4-5 फीसदी चल रहा है, जबकि छोटी कारों पर यह 10 फीसदी तक है।

निफ्टी और सेंसेक्स दोनों ही 1 अगस्त को रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। यह ऐसा बाजार है जो सिर्फ हर चीज को पॉजिटिव साइड को देख रहा है। इसलिए हर खराब का असर ज्यादा देर तक टिक नहीं पा रहा और बाजार इसमें कुछ न कुछ पॉजिटिव निकाल लेता है। पहले बाजार में इस उम्मीद से तेजी आ रही थी कि एनडीए की भारी बहुमत के साथ तीसरी बार सरकार में वापसी होगी। चुनावी नतीजों के बाद बीजेपी को अपने दम पर सरकार बनाने लायक सीटें नहीं होने के बावजूद मार्केट में तेजी जारी रही। यह उम्मीद की जा रही थी कि यूनियन बजट में सरकार कैपिटल गेंस टैक्स में कोई बदलाव नहीं करेगी। लेकिन, सरकार ने न सिर्फ लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स और शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस को बढ़ाया बल्कि शेयरों के बायबैक से इनकम पर भी टैक्स लगा दिया। इन सभी का असर मार्केट के सेंटिमेंट पर नहीं पड़ा था। लेकिन, जियोपॉलिटकल वजहों से 2 अगस्त को इंडियन मार्केट में बड़ी गिरावट आई।

अब पहली तिमाही के नतीजों का सीजन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। यह काफी मायने रखता है, क्योंकि ज्यादातर शेयरों की वैल्यूएशन (Valuation) काफी ज्यादा चल रही है। बाजार में कहा जाता है कि शेयरों की कीमतें आखिरकार अर्निंग्स का गुलाम हैं। लेकिन, अभी स्थिति इसके उलट दिख रही है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने हाल में जारी अपनी एक रिपोर्ट में अर्निंग्स सीजन को कमजोर बताया है। एंबिट के नितिन भसीन ने ऑटो सेक्टर के बारे में कहा है कि देशभर में ऑटो डीलर्स ने फुटफॉल नहीं बढ़ने के संकेत दिए हैं। SUV पर डिस्काउंट 4-5 फीसदी चल रहा है, जबकि छोटी कारों पर यह 10 फीसदी तक है। दक्षिण भारत में सीमेंट डीलर्स का कहना है कि कमजोर डिमांड की वजह से सीमेंट की कीमतें गिर रही हैं।

ACC

एसीसी के शेयर 1 अगस्त को 4.1 फीसदी गिरकर 2,485 रुपये पर बंद हुए। पहली तिमाही के कमजोर नतीजों की वजह से लगातार तीसरे दिन ACC की कीमतों में गिरावट आई। बुल्स का कहना है कि कंपनी की बैलेंसशीट मजबूत है। इसके अलावा अदाणी समूह के नेतृत्व की वजह से वॉल्यूम बढ़ेगा, जिससे ग्रोथ अच्छी रहेगी। उधर, बेयर्स की दलील है कि डिमांड अनुमान से कम है, कीमतों में पर्याप्त बढ़ोतरी नहीं की गई है और ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ने का असर एसीसी के प्रदर्शन पर पड़ सकता है।

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