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Short Call: फिलहाल चीन में राहत पैकेज पर रहेंगी इंडियन मार्केट्स की नजरें, Wipro और Sunteck Realty क्यों सुर्खियों में हैं?

हाल में चीन में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। चीन में सरकार और केंद्रीय बैंक ने इकोनॉमी की ग्रोथ बढ़ाने के लिए कुछ उपायों के ऐलान किए। इसके बाद सितंबर में चीन के स्टॉक मार्केट्स में बड़ी तेजी देखने को मिली। इमर्जिंग सूचकांकों में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी चीन की है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 16, 2024 पर 10:15 AM
Short Call: फिलहाल चीन में राहत पैकेज पर रहेंगी इंडियन मार्केट्स की नजरें, Wipro और Sunteck Realty क्यों सुर्खियों में हैं?
चीन के मार्केट्स में आई तेजी के बाद विदेशी निवेशकों ने वहां निवेश करने के लिए इंडियन मार्केट्स में कुछ बिकवाली की है।

इमर्जिंग मार्केट्स के बारे में चर्चा बढ़ गई है। ज्यादातर चर्चा इंडिया और चीन से जुड़ी है। दरअसल, एमएससीआई ईएम इंडेक्स में दोनों देशों की हिस्सेदारी करीब 50 फीसदी है। इमर्जिंग मार्केट्स में इंडिया के बाद ताइवान की पोजीशन है। उसके बाद दक्षिण कोरिया है। ब्राजील पांचवें पायदान पर है। इसके बाद पोलैंड, कतर, कुवैत, तुर्की, फिलीपींस और ग्रीस जैसे देश हैं। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) दो तरह से किसी देश में इनवेस्ट करते हैं। पहला, वे सीधे उस देश के स्टॉक्स, बॉन्ड्स या दूसरी सिक्योरिटीज में इनवेस्ट करते हैं। दूसरा, वे एमएससीआई या एफटीएसई जैसे इमर्जिंग मार्केट्स सूचकांकों के आधार पर इनवेस्ट करते हैं। दूसरा रास्ता उनके लिए आसान है।

चीन में विदेसी निवेशकों की दिलचस्पी

हाल में चीन में विदेशी निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। चीन में सरकार और केंद्रीय बैंक ने इकोनॉमी की ग्रोथ बढ़ाने के लिए कुछ उपायों के ऐलान किए। इसके बाद सितंबर में चीन के स्टॉक मार्केट्स में बड़ी तेजी देखने को मिली। इमर्जिंग सूचकांकों में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी चीन की है। चीन के मार्केट्स में आई तेजी के बाद विदेशी निवेशकों ने वहां निवेश करने के लिए इंडियन मार्केट्स में कुछ बिकवाली की है। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और रिटेल इनवेस्टर्स के सपोर्ट से इंडियन मार्केट्स में ज्यादा गिरावट नहीं आई है। लेकिन, चीन के स्टॉक मार्केट्स का प्रदर्शन आगे बेहतर रहने की उम्मीद है।

मार्केट्स की नजरें अमेरिकी चुनाव के नतीजों पर भी

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