मार्केट के प्रमुख सूचकांकों में 21 अगस्त को अच्छी रिकवरी दिखी। लेकिन, मूड अब भी सावधानी बरतने वाला है। विदेशी फंड्स खरीदारी से ज्यादा बिकवाली कर रहे हैं। अर्निंग्स सीजन खत्म हो जाने के बाद अब मार्केट को दिशा देने वाले किसी नए ट्रिगर का इंतजार है।
मार्केट के प्रमुख सूचकांकों में 21 अगस्त को अच्छी रिकवरी दिखी। लेकिन, मूड अब भी सावधानी बरतने वाला है। विदेशी फंड्स खरीदारी से ज्यादा बिकवाली कर रहे हैं। अर्निंग्स सीजन खत्म हो जाने के बाद अब मार्केट को दिशा देने वाले किसी नए ट्रिगर का इंतजार है।
Tata Power
टाटा पावर के स्टॉक में 21 अगस्त को 4 फीसदी तेजी आई थी। यह अपने 52 हफ्तों के हाई से ज्यादा दूर नहीं रह गया है। इसकी सब्सिडियरी कंपनी Tata Power Renewable Energy ने टाटा मोटर्स के पंतनगर प्लांट के साथ एक पावर पर्चेज एग्रीमेंट किया है। इसके तहत टाटा मोटर्स 9-मेगावाट बिजली इसके सोलर प्लांट से खरीदेगी। इस महीने की शुरुआत में टाटा पावर के शेयर 52 हफ्ते की ऊंचाई के करीब पहुंच गए थे। लेकिन, ऐसा लगता है कि शेयर के लिए करीब 250 रुपये पर बड़ा रेसिस्टेंस है। पिछले साल इस स्टॉक में अच्छी तेजी देखने को मिली थी। इसकी वजह इसकी रिन्यूएबल सब्सिडियरी से जुड़ी खबरें थीं। लेकिन, जल्द मार्केट ने यह समझ लिया कि पावर कंपनियां कितनी बिजली का उत्पादन कर सकती हैं। यह भी कि उनकी कमाई की ग्रोथ की भी एक सीमा है। इसके बाद इस स्टॉक में फंड मैनेजर्स और एनालिस्ट्स की दिलचस्पी देखने को नहीं मिली।
CLSA ने हाल में टाटा पावर के शेयर को बेचने की अपनी सलाह बनाए रखी है। उसने शेयर के लिए 195 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। उसने कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन बहुत ज्यादा बताई है। लेकिन, पावर इस सीजन का फ्लेवर है, इसलिए मार्केट को टाटा पावर के शेयरों में उछाल की उम्मीद दिख रही है। मार्केट का मानना है कि इस स्टॉक ने बीते 18 महीनों में ज्यादा मूवमेंट नहीं दिखाया है, जबकि इसकी कमाई बढ़ी है। कुछ एनालिस्ट्स का कहना है कि अगर ज्यादा वैल्यूएशन के बावजूद Adani Power में खरीदार दिलचस्पी दिखा सकते हैं तो टाटा पावर की स्थिति तो उससे अच्छी है। फ्यूचर्स पॉजिशंस से लॉन्ग पॉजिशंस बनने के संकेत मिले हैं।
रस्साकशी जारी
ऐसा लगता है कि पंटर्स इस स्टॉक को लेकर अभी अपना मन नहीं बना पाए हैं। 1 सितंबर से यह स्टॉक MSCI Global Standard Index का हिस्सा बन जाएगा। लेकिन, 20 सितंबर से यह निफ्टी 50 से बाहर हो जाएगा। सख्त रेगुलेशंस का असर कमाई पर पड़ने की आशंकाएं कम हुई हैं। SEBI ने टोटल एक्सपेंस रेशियो को लेकर अपना रुख नरम किया है। लेकिन, इसका असर बाजार पर पहले ही पड़ चुका है। इस स्टॉक पर नजर रखने वालों का कहना है कि बाजार अब इसकी कमाई में इम्प्रूवमेंट देखना चाहता है।
Titan
टाइटन को ट्रैक करने वाले करीब हर एनालिस्ट ने Caratlane में टाइटन के अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने पर खुशियां जताई है। लेकिन, इनवेस्टर्स ज्यादा खुश नहीं दिख रहे। यह कदम लंबी अवधि में फायदेमंद हो सकता है। लेकिन, अभी हवा ज्यादा वैल्यूएशन वाले शेयरों के पक्ष में नहीं है।
AU Small Finance Bank
इस स्टॉक में पिछले एक महीने से शॉर्ट पॉजिशंस बढ़ रहे हैं। सिक्योरिटीज लेंडिंग एंड बॉरोइंग विंडो में ओपन पॉजिशन अब 37 लाख शेयर तक पहुंच गया है। Buoyant Capital ने कहा है कि जब इंटरेस्ट रेट्स तेजी से बढ़ते हैं तो कमजोर आर्थिक स्थिति वाली कई कंपनियां सामने आती हैं। लेकिन अभी हालात 2021 की तरह नहीं है।
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