ग्लोबल मार्केट्स की तस्वीर अच्छी नहीं दिख रही है। ऐसे में निवेशकों के मन में यह सवाल है कि अगर ग्लोबल मार्केट्स में दिक्कत बढ़ती है तो क्या घरेलू निवेश इंडियन मार्केट को बचाने में कामयाब रहेगा? लेकिन, रिटेल इनवेस्टर्स को भी जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास दिखाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में कुछ मुनाफावसूली करने का आइडिया खराब नहीं होगा। इसकी वजह यह है कि ज्यादातर शेयरों की वैल्यूएशन काफी बढ़ चुकी है। इसके अलावा कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ सुस्त पड़ने के संकेत हैं। जेफरीज के क्रिस वुड ने कहा है कि मौका मिलने पर वह अपने 100 डॉलर के एक-तिहाई का निवेश इंडियन मार्केट्स में करेंगे। बाकी पैसा वह कैश में अपने पास बनाए रखेंगे, क्योंकि वैल्यूएशन काफी ज्यादा है।
इधर, कई रिटेल इनवेस्टर्स अब भी मानते है कि यह गिरावट पर खरीदारी (Sell on rise) वाला बाजार है। लेकिन, कुछ स्मार्ट निवेशक हर उछाल पर मुनाफावसूली (Profit booking) की स्ट्रेटेजी अपना रहे हैं। यह भी माना जा रहा है कि अगर अमेरिकी केंद्रीय बैंक (Federal Reserve) इंटरेस्ट रेट में कमी करता है तो इसका आईटी स्टॉक्स (IT Stocks) पर अच्छा असर पड़ेगा। इससे आईटी स्टॉक्स की रीरेटिंग हो सकती है। कई निवेशकों ने अमेरिकी में जल्द इंटरेस्ट रेट घटने की उम्मीद में आईटी शेयरों में निवेश बढ़ाना शुरू कर दिया है।
यह भी पढ़ें: RBI के रेट ऐलान से पहले फिसले Sensex-Nifty, निवेशकों ने गंवाए ₹61000 करोड़
देवयानी इंटरनेशनल के शेयर 7 अगस्त को 1.8 फीसदी गिरकर 177 रुपये पर बंद हुए। कंपनी के पहली तिमाही के नतीजों ने बाजार को निराश किया है। ब्रोकरेज फर्म सेंट्रम ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि पिजा क्विक सर्विस रेस्टॉरेंट्स में मांग कमजोर है और प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। यह छोटी अवधि के लिए चैलेंज दिख रहा है। उधर, ब्रोकरेज फर्म एंटिक का कहना है कि Devyani International अपने स्टोर की संख्या बढ़ा रही है। कंपनी का एग्जिक्यूशन का ट्रैक रिकॉर्ड भी अच्छा है। इससे देवयानी इंटरनेशनल का प्रदर्शन प्रतिद्वंद्वी कंपनियों से बेहतर रह सकता है।